छत्तीसगढ़ : बस्तर में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, 173 स्मारक ध्वस्त, 64 फीट ऊंचा मेमोरियल भी गिराया

छत्तीसगढ़ : बस्तर में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, 173 स्मारक ध्वस्त, 64 फीट ऊंचा मेमोरियल भी गिराया

प्रेषित समय :15:33:37 PM / Sat, Feb 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रायपुर. छत्तीसगढ़ का बस्तर इलाका कभी नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता था. घने जंगल, दूर-दराज के गांव और सुरक्षा बलों की सीमित पहुंच इन सबके बीच माओवादी संगठन ने वर्षों तक यहां अपना असर बनाए रखा. इस दौरान नक्सलियों ने अपने नेताओं और मारे गए साथियों की याद में कई स्मारक बनवाए. ये स्मारक उनके प्रभाव और दबदबे का प्रतीक बन गए थे.

लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों ने बस्तर में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए हैं. नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनके बनाए गए स्मारकों को भी निशाना बनाया गया है. आंकड़े बताते हैं कि 2018 से अब तक करीब 173 नक्सली स्मारक ध्वस्त किए जा चुके हैं.

नक्सली स्मारक ध्वस्त करने का अभियान तेज

बस्तर में 2018 से 2023 के बीच सुरक्षा बलों ने करीब 60 नक्सली स्मारक ध्वस्त किए. इनमें सबसे ज्यादा 24 स्मारक साल 2021 में गिराए गए. इसके बाद ऑपरेशन और तेज हुए. 2023 से फरवरी 2026 के बीच सुरक्षाबलों ने 113 और नक्सली स्मारक ध्वस्त कर दिए. इस तरह कुल संख्या 173 तक पहुंच गई है. इन स्मारकों को नक्सलियों ने अपने नेताओं और मारे गए कैडरों की याद में बनवाया था. कई जगह ये बड़े-बड़े ढांचे थे, जो गांवों में उनके प्रभाव की निशानी बने हुए थे. अब सुरक्षा बलों ने इन्हें हटाने को भी अपने मिशन का हिस्सा बना लिया है.

64 फीट ऊंचा सबसे बड़ा ढांचा भी गिराया गया

अब तक गिराए गए स्मारकों में सबसे ऊंचा ढांचा 64 फीट का था. यह बीजापुर जिले में तेलंगाना बॉर्डर की ओर कोमटपल्ली गांव में बनाया गया था. अगस्त 2022 में यहां माओवादियों ने शहीदी सप्ताह मनाया था. उस समय सैकड़ों गांववालों को इक_ा किया गया था और शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल हुए थे. उस दौरान यह इलाका सुरक्षा बलों की पहुंच से काफी दूर था. लेकिन हालात बदल गए हैं. बीजापुर के एसपी जितेंद्र कुमार यादव के अनुसार, जनवरी 2025 में इस 64 फीट ऊंचे नक्सली स्मारक को गिरा दिया गया.

ईंट-ईंट तोड़कर खत्म करेंगे विचार

सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स यानी सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के डायरेक्टर जनरल जीपी सिंह ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया. वीडियो में सुरक्षा बल जेसीबी और अन्य उपकरणों से नक्सलियों के स्मारक गिराते नजर आ रहे हैं. पोस्ट में उन्होंने लिखा, हम ईंट-ईंट तोड़कर इस विचार और इसके हर रूप को खत्म कर देंगे. यह बयान साफ संकेत देता है कि अब केवल हथियारबंद मुठभेड़ ही नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक ढांचों को भी खत्म किया जा रहा है.

40 साल का गढ़, अब बदलती तस्वीर

करीब 40 साल तक बस्तर माओवादियों का गढ़ रहा. घने जंगलों में उन्होंने अपनी पकड़ मजबूत की और कई इलाकों में समानांतर प्रभाव कायम किया. रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले तीन सालों में सुरक्षा बलों ने 520 से ज्यादा माओवादियों को मार गिराया है. कई बड़े नक्सली नेताओं ने आत्मसमर्पण भी किया है. इन अभियानों के साथ-साथ नक्सली स्मारक ध्वस्त करने की कार्रवाई भी जारी है. इससे इलाके में उनकी प्रतीकात्मक मौजूदगी कम होती दिख रही है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-