मध्य पूर्व में जंग जैसे हालात, एयर इंडिया और इंडिगो ने अचानक रोकीं उड़ानें हजारों यात्री फंसे

मध्य पूर्व में जंग जैसे हालात, एयर इंडिया और इंडिगो ने अचानक रोकीं उड़ानें हजारों यात्री फंसे

प्रेषित समय :21:35:46 PM / Sat, Feb 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात का असर अब भारत की विमानन सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है. क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों में आई अस्थिरता के बीच देश की प्रमुख एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडिगो ने मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है. दोनों कंपनियों ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए यह निर्णय लिया है और कहा है कि हालात सामान्य होने तक सेवाएं बहाल नहीं की जाएंगी.

एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए मध्य पूर्व के सभी गंतव्यों के लिए उसकी उड़ानें 1 मार्च की रात 11 बजकर 59 मिनट तक रद्द रहेंगी. एयरलाइन ने कहा है कि वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित विमानन प्राधिकरणों के साथ समन्वय में है. कंपनी ने यह भी दोहराया कि यात्रियों, चालक दल और विमानों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोपरि है. प्रभावित यात्रियों को व्यक्तिगत रूप से सूचित किया जा रहा है और उन्हें पुनर्निर्धारण या पूर्ण धनवापसी की सुविधा दी जा रही है. एयर इंडिया ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी उड़ान की स्थिति वेबसाइट या 24x7 कॉल सेंटर के माध्यम से अवश्य जांच लें.

इसी तरह इंडिगो ने भी मध्य पूर्व और कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय सेक्टरों के लिए अपनी उड़ान सेवाएं 1 मार्च 2026 तक निलंबित करने की घोषणा की है. इंडिगो ने इसे एहतियाती और सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया कदम बताया है. एयरलाइन ने कहा है कि 28 फरवरी 2026 तक की गई बुकिंग वाले यात्रियों को विशेष राहत दी जाएगी. ऐसे यात्री 7 मार्च 2026 तक की यात्रा के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द कर पूर्ण रिफंड ले सकते हैं या यात्रा की तारीख बदल सकते हैं. इंडिगो ने स्वीकार किया कि इस निर्णय से यात्रियों को असुविधा होगी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता.

मध्य पूर्व में हालिया घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय विमानन उद्योग को झकझोर कर रख दिया है. इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान के कुछ ठिकानों पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है. जवाबी कार्रवाई की आशंका के बीच ईरान, इजराइल और इराक ने अपने-अपने हवाई क्षेत्र के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इन क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिनका उपयोग भारत से खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाली अधिकांश एयरलाइंस करती हैं.

हवाई मार्गों के बंद होने से न केवल सीधी उड़ानें प्रभावित हुई हैं, बल्कि कई विमानों को लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है. इससे उड़ान समय और ईंधन लागत दोनों बढ़ रही हैं. कुछ अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं या वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया है. भारत और खाड़ी देशों के बीच प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं, जिनमें कामकाजी पेशेवर, व्यापारी, छात्र और पर्यटक शामिल हैं. ऐसे में उड़ानों का निलंबन हजारों यात्रियों के लिए चिंता का कारण बन गया है.

दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कोच्चि जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां प्रभावित यात्रियों को जानकारी और सहायता प्रदान की जा रही है. कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता और असुविधा व्यक्त की है. कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें अंतिम समय में यात्रा रद्द होने की सूचना मिली, जिससे उनकी आगे की योजनाएं प्रभावित हुईं. हालांकि एयरलाइंस का कहना है कि वे हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव लंबा खिंचता है तो इसका असर विमानन क्षेत्र के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन पर भी पड़ सकता है. खाड़ी देश भारत के लिए न केवल रोजगार के प्रमुख केंद्र हैं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में हवाई संपर्क में व्यवधान का व्यापक आर्थिक प्रभाव हो सकता है.

विमानन विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में एयरलाइंस के पास सीमित विकल्प हैं. अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के तहत यदि किसी क्षेत्र में हवाई जोखिम बढ़ जाता है तो उड़ानें रोकना या मार्ग बदलना अनिवार्य हो जाता है. भारतीय विमानन कंपनियां नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और अंतरराष्ट्रीय विमानन संगठनों के निर्देशों के अनुरूप ही निर्णय ले रही हैं.

एयर इंडिया और इंडिगो दोनों ने स्पष्ट किया है कि वे चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी कर रही हैं और जैसे ही सुरक्षित हवाई गलियारे उपलब्ध होंगे, सेवाएं चरणबद्ध तरीके से बहाल की जाएंगी. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें. फिलहाल सभी की निगाहें पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिकी हैं, जहां कूटनीतिक प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के जरिए तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं. जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक भारतीय यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में लचीलापन रखना होगा.