स्वच्छ सर्वेक्षण में जबलपुर रचेगा नया इतिहास मंदिरों के फूलों से महकेगी होली बोले महापौर अन्नू

स्वच्छ सर्वेक्षण में जबलपुर रचेगा नया इतिहास मंदिरों के फूलों से महकेगी होली बोले महापौर अन्नू

प्रेषित समय :20:46:48 PM / Sat, Feb 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एक बार फिर स्वच्छता और नवाचार की दिशा में नई मिसाल गढ़ने जा रहा है. नगर निगम ने “कबाड़ से कमाल” की सफलता के बाद अब श्रद्धा से अर्पित फूलों को भी सम्मान देने का संकल्प लिया है. महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ के नेतृत्व में शुरू हुई यह पहल न केवल शहर को स्वच्छ बनाएगी, बल्कि आने वाली होली को भी प्राकृतिक रंगों की खुशबू से सराबोर करेगी. यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि शहर की आस्था, पर्यावरण और नवाचार को एक साथ जोड़ने का प्रयास है.

महापौर श्री अन्नू ने आत्मीय स्वर में कहा कि जबलपुर इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान में नई ऊंचाइयों को छुएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि नगर निगम के निरंतर प्रयास, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनभागीदारी के बल पर शहर को बेहतर रैंकिंग मिलेगी. उन्होंने बताया कि नगर निगम लगातार स्वच्छता के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग कर रहा है, जिससे जबलपुर की पहचान केवल संस्कारधानी के रूप में ही नहीं, बल्कि स्वच्छता की मिसाल के रूप में भी स्थापित हो सके.

“कबाड़ से कमाल” अभियान के तहत पुराने कबाड़ से तैयार की गई कलात्मक आकृतियों ने शहर के उद्यानों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता बढ़ाई है. अब उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए “वेस्ट टू वेल्थ” की भावना के साथ मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों का पुनः उपयोग किया जा रहा है. श्रद्धापूर्वक अर्पित ये फूल अब कचरे का हिस्सा नहीं बनेंगे, बल्कि हर्बल गुलाल, रंगोली, सुगंधित अगरबत्ती और जैविक खाद के रूप में नया जीवन पाएंगे.

नगर निगम द्वारा विशेष वाहनों के माध्यम से प्रमुख मंदिरों से फूलों को एकत्रित कर बलदेवबाग स्थित कंपोस्ट प्लांट पहुंचाया जा रहा है. वहां अत्याधुनिक तकनीक से फूलों को प्रोसेस कर प्राकृतिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. महापौर ने कहा कि यह पहल धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सशक्त कदम है. पहले मंदिरों का निर्माल्य नदियों या खुले स्थानों पर फेंक दिया जाता था, जिससे जल स्रोत प्रदूषित होते थे. अब इस व्यवस्था से नदियों और तालाबों को भी स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी.

निगमाध्यक्ष रिकुंज विज ने कहा कि नगर निगम के ऐसे नवाचार स्वच्छता अभियान को नई गति देंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि महापौर और निगमायुक्त के नेतृत्व में किए जा रहे सार्थक प्रयास इस वर्ष जबलपुर को स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होंगे. वहीं निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप जमीनी स्तर पर जनभागीदारी के साथ मिलकर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं. उनका कहना है कि स्वच्छता केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे शहर का सामूहिक दायित्व है.

‘फूलों से गुलाल’ बनाने की प्रक्रिया भी पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित है. फूलों को पहले सुखाकर बारीक पीसा जाता है, फिर प्राकृतिक बेस पाउडर और फूड ग्रेड रंगों के साथ हल्के एसेंशियल ऑयल की सुगंध मिलाई जाती है. तैयार गुलाल रसायनमुक्त, पर्यावरण हितैषी और त्वचा के लिए सुरक्षित है. होली के अवसर पर यह स्वदेशी और प्राकृतिक गुलाल संस्कारधानी के घर-घर में खुशबू बिखेरेगा.

पत्रकार वार्ता के अंत में महापौर और निगमायुक्त ने शहरवासियों, गणमान्यजनों और पत्रकार बंधुओं को होली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने अपील की कि सभी नागरिक स्वच्छता अभियान में भागीदार बनें और जबलपुर को देश के स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंचाने में सहयोग करें. यह पहल केवल स्वच्छता का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, पर्यावरण और नागरिक जिम्मेदारी का सुंदर संगम है, जो जबलपुर को एक नई पहचान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-