शार्क टैंक इंडिया में 3 करोड़ का बिजनेस बनाने वाले को नहीं मिली फंडिंग, शार्क्स ने कहा बिजनेस अनफंडेबल

शार्क टैंक इंडिया में 3 करोड़ का बिजनेस बनाने वाले को नहीं मिली फंडिंग, शार्क्स ने कहा बिजनेस अनफंडेबल

प्रेषित समय :22:14:03 PM / Fri, Mar 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई। लोकप्रिय बिजनेस रियलिटी शो Shark Tank India के पांचवें सीजन के हालिया एपिसोड में एक ऐसा स्टार्टअप सामने आया जिसने बिना एक भी रुपया निवेश किए करोड़ों का कारोबार खड़ा कर दिया। हालांकि उनकी सेल्स स्किल्स से प्रभावित होने के बावजूद शो के सभी निवेशकों ने इस स्टार्टअप में निवेश करने से इनकार कर दिया।

यह स्टार्टअप उत्तर प्रदेश के बरेली के दो उद्यमियों हरप्रीत सिंह और अभिनव अवल द्वारा शुरू किया गया है। उनकी कंपनी F2 Fintech एक एआई आधारित डिजिटल लेंडिंग एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म है, जो उपयोगकर्ताओं को विभिन्न लोन विकल्पों की तुलना करने और सबसे उपयुक्त लोन चुनने में मदद करता है। कंपनी का दावा है कि उनका एआई बॉट ग्राहकों को सही लोन विकल्प चुनने के लिए मार्गदर्शन करता है।

दोनों संस्थापक शो में एक करोड़ रुपये के निवेश के बदले तीन प्रतिशत इक्विटी देने का प्रस्ताव लेकर आए थे। इस आधार पर उन्होंने अपनी कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 33.33 करोड़ रुपये बताया।

पिच के दौरान संस्थापकों ने बताया कि उन्होंने बिना बाहरी निवेश के अपना कारोबार खड़ा किया है और शुरुआती वर्षों में लगातार राजस्व बढ़ाने में सफल रहे हैं। उनके मुताबिक वित्त वर्ष 2022 में कंपनी का कारोबार लगभग 20 लाख रुपये था। इसके बाद 2023-24 में यह बढ़कर करीब 3.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें लगभग 21 लाख रुपये का ईबीआईटीडीए रहा।

उन्होंने आगे बताया कि 2024-25 में कंपनी की कुल बिक्री 3.73 करोड़ रुपये रही और ईबीआईटीडीए लगभग 28 लाख रुपये था। वहीं चालू वित्त वर्ष में अब तक कंपनी करीब 3.5 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल कर चुकी है और साल के अंत तक लगभग 45 लाख रुपये ईबीआईटीडीए का अनुमान लगाया गया है।

हालांकि इन आंकड़ों के बावजूद शो के निवेशकों को इस बिजनेस मॉडल में निवेश की संभावना नजर नहीं आई। शो की जज और Namita Thapar ने संस्थापक की प्रस्तुति और बातचीत की शैली की तारीफ जरूर की, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि फिलहाल यह निवेश योग्य मॉडल नहीं है।

पिच के दौरान एक दिलचस्प पल तब आया जब संस्थापक हरप्रीत सिंह ने नमिता थापर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नमिता उन लोगों में से हैं जो सौ में से एक होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह भी कभी चार्टर्ड अकाउंटेंसी करना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने एमबीए करने का फैसला किया।

इस टिप्पणी के बाद नमिता थापर ने मुस्कुराते हुए कहा कि एक अच्छा सेल्सपर्सन वही होता है जो सामने वाले को खास महसूस कराए। उन्होंने हरप्रीत की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक शानदार सेल्समैन हैं।

शो में मौजूद अन्य निवेशकों ने भी उनकी सेल्स क्षमता की सराहना की। Viraj Bahl ने कहा कि संस्थापक में एक बेहतरीन सेल्स एनर्जी है और वह ग्राहकों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।

हालांकि सवाल तब खड़े हुए जब निवेशकों ने बिजनेस मॉडल की गहराई से जांच की। Kunal Bahl ने पूछा कि कंपनी का मॉडल अन्य लोन एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से अलग कैसे है, क्योंकि यह मूल रूप से कमीशन आधारित व्यवसाय जैसा दिखता है।

संस्थापकों ने जवाब दिया कि उनका लक्ष्य भविष्य में टेली-कॉलिंग आधारित सिस्टम को एआई तकनीक से बदलना है, जिससे प्रक्रिया अधिक डिजिटल और स्वचालित हो सके।

इस पर Varun Dua ने चिंता जताई कि भारत में लाखों लोग वॉइस कॉलिंग और टेली-कॉलिंग के क्षेत्र में काम करते हैं। यदि इस तरह की एआई प्रणाली बड़े स्तर पर लागू हो जाती है तो इससे नौकरियों पर असर पड़ सकता है।

निवेशकों ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कंपनी का पूरा मॉडल ऑफलाइन टेली-कॉलिंग पर निर्भर दिखाई देता है, जो स्केलेबिलिटी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

कुनाल बहल ने सबसे पहले इस डील से बाहर होने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें संस्थापकों की ऊर्जा और प्रयास पसंद आए, लेकिन बिजनेस मॉडल में निवेश के लिए पर्याप्त संभावनाएं नहीं दिखतीं। उनके मुताबिक यह वेंचर फंडेबल बिजनेस नहीं है।

इसके बाद वरुण दुआ ने भी इसी तरह की राय रखते हुए कहा कि यह व्यवसाय संभवतः संस्थापकों के लिए मुनाफा कमा सकता है, लेकिन निवेशकों के लिए बड़े स्तर पर रिटर्न देने वाला मॉडल नहीं है।

विराज बहल ने भी कहा कि दोनों संस्थापक मेहनती हैं और अपने कारोबार में आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन यह ऐसा व्यवसाय नहीं है जिसमें निवेशक को भविष्य में बड़ा एग्जिट मिल सके।

नमिता थापर ने भी अंत में यही कहा कि फिनटेक भारत में तेजी से बढ़ता क्षेत्र है, लेकिन इस कंपनी के मौजूदा मॉडल में बड़े पैमाने पर विस्तार की संभावनाओं पर सवाल हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह मूल रूप से कमीशन आधारित बिजनेस जैसा लगता है, इसलिए वह निवेश नहीं कर सकतीं।

अंत में Vineeta Singh ने भी इस डील से बाहर होने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह पूरी तरह डिजिटल टेक प्लेटफॉर्म है, लेकिन बाद में पता चला कि इसका बड़ा हिस्सा कॉलिंग आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कंपनी के आंकड़ों में पर्याप्त पारदर्शिता महसूस नहीं हुई।

हालांकि निवेश न मिलने के बावजूद सभी शार्क्स ने संस्थापकों की मेहनत और सेल्स क्षमता की सराहना की। उनका मानना था कि दोनों उद्यमी अपने व्यवसाय में आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन फिलहाल यह ऐसा मॉडल नहीं है जिसमें निवेश करना उनके लिए उचित हो।

इस एपिसोड के बाद सोशल मीडिया पर भी इस पिच की काफी चर्चा हो रही है। कई दर्शकों ने संस्थापकों की प्रस्तुति और आत्मविश्वास की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने निवेशकों के फैसले को व्यावसायिक दृष्टि से सही बताया।