जबलपुर. प्रदेश के जबलपुर में 13 मार्च को सेना में धर्मगुरु पद के लिए विशेष भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया में Varanasi रीजन के चयनित अभ्यर्थी भाग लेंगे। सेना भर्ती कार्यालय की ओर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और चयनित उम्मीदवारों को ई-मेल के माध्यम से सूचना भी भेज दी गई है। अधिकारियों के अनुसार इस भर्ती रैली में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को तय तारीख पर हर हाल में जबलपुर पहुंचना अनिवार्य होगा, क्योंकि भर्ती की पूरी प्रक्रिया यहीं आयोजित की जाएगी।
सेना भर्ती कार्यालय के निदेशक कर्नल शैलेश कुमार ने बताया कि वाराणसी रीजन से कुल 78 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें इस भर्ती रैली में शामिल होने का अवसर दिया गया है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे पहले सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम जांच लें और वहीं से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी उम्मीदवार को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भर्ती रैली के दौरान सबसे पहले शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों को 1600 मीटर की दौड़ अधिकतम सात मिनट के भीतर पूरी करनी होगी। इसके अलावा अन्य शारीरिक मानकों और फिटनेस से जुड़े परीक्षण भी लिए जाएंगे। सेना अधिकारियों के अनुसार शारीरिक परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों की शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति का आकलन करना है, ताकि चयनित उम्मीदवार सेना के अनुशासन और कार्य प्रणाली के अनुरूप साबित हो सकें।
जो अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल होंगे, उन्हें अगले चरण के लिए चुना जाएगा। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। मेडिकल परीक्षण में उम्मीदवारों के स्वास्थ्य और फिटनेस की विस्तृत जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे सेना की सेवा के लिए पूरी तरह योग्य हैं। मेडिकल परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को अगले दो से चार दिनों के भीतर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
सेना अधिकारियों के अनुसार साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहीं पर अंतिम परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। अंतिम रूप से चयनित धर्मगुरुओं को नियुक्ति से पहले सेना की ओर से छह महीने का बेसिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सैन्य अनुशासन, धार्मिक सेवाओं की जिम्मेदारियों और सेना की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें भारतीय सेना की विभिन्न यूनिटों में तैनाती दी जाएगी।
इसी दौरान सेना भर्ती कार्यालय के रणबांकुरे मैदान में 13 और 14 मार्च को पूर्व सैनिकों के लिए भी विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में प्रदेश भर के पूर्व सैनिक भाग ले सकेंगे और वे अपनी समस्याएं सेना अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। पेंशन, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सुविधाओं और अन्य सेवाओं से जुड़ी परेशानियों का समाधान भी इस कैंप में किया जाएगा। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को रोजगार और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी।
सेना भर्ती कार्यालय का कहना है कि इस आयोजन से न केवल भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा बल्कि पूर्व सैनिकों को भी एक मंच पर अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलेगा। जबलपुर में होने वाली यह भर्ती रैली सेना में धर्मगुरु पद के लिए चयनित उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

