* लय द्विवेदी
देश और दुनिया में विभिन्न दिवसों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है, इन दिवसों का आयोजन इसलिए किया जाता है ताकि विषय विशेष के संबंध में जन जागरूकता का संचार हो और विषय विशेष के प्रति लोगों का ध्यानाकर्षण हो सके l अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भी देश और दुनिया में हर स्तर पर विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं और महिला सशक्तिकरण के साथ ही महिलाओं को जागरूक बनाने का संदेश दिया जा रहा है l
महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समाज में उनके सशक्तिकरण को लेकर हो रहे विभिन्न आयोजनों का यह संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित भी हो रहा है l यदि हम आजादी से पहले और वर्तमान स्थिति तक की तुलना करें तो समय के साथ महिलाओं की भूमिका में नियमित रूप से परिवर्तन आया है l महिलाए परिवार की व्यवस्थाओं को संभालने वाली जिम्मेदार प्रतिनिधि के साथ ही अब अन्य सभी कार्यों को करने में सक्षम प्रतिनिधि के रूप में भी अपने सशक्त पहचान बन चुकी है l वर्तमान समय में महिलाओं ने शिक्षा, प्रशासन, खेल, विज्ञान, तकनीक, राजनीति, प्रबंधन, कला आदि क्षेत्रों में न केवल अपनी क्षमताओं को साबित किया है बल्कि अपने योग्यता से शानदार प्रदर्शन कर सराहना भी हासिल की है l
महिलाओं की यह उपलब्धियां उन्हें शिक्षा के दम पर हासिल हुई है, इसके मूल में शिक्षा ही है l शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति के समग्र विकास का आधार तैयार किया जा सकता है l देश में आजादी के बाद महिलाओं को शिक्षा देने की जो प्रभावी व्यवस्था कायम हुई है, यह उसका नतीजा है कि देश में अब हर क्षेत्र में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी बढ़ती जा रही है और वह विभिन्न कार्य करने में अपनी विशेषज्ञता और दक्षता भी प्राप्त करती जा रही है l
बालिका शिक्षा इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि एक महिला शिक्षित होती है तो पूरे परिवार और भावी पीढ़ीयो को शिक्षित बनाने का सशक्त आधार तैयार करती है l बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मजबूत आधार तैयार करते हैं अतः बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर देना हमारे बेहतर भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है l शिक्षा व्यक्ति को सम्मान के साथ समाज में समान अवसर प्रदान करती है और शिक्षा प्राप्त करना सभी का हक भी है l इससे प्रगतिशील समाज की मजबूत नींव तैयार करने में भी मदद मिलती है l
किसी भी राष्ट्र और समाज के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और महिलाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें शिक्षित बनाना प्राथमिक आवश्यकता है l हमारे देश मे बालिकाओं के लिए शिक्षा के बेहतर अवसर और व्यवस्थाएं उपलब्ध है यह काफी सकारात्मक संकेत है l भविष्य में भी महिलाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे, उन्हें समाज और परिवार में सुरक्षा के साथ सम्मान देना हमारी जिम्मेदारी भी है और कर्तव्य भी l
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

