जबलपुर में स्वच्छता का कमाल कूड़े के ढेर पर बना खेल का मैदान, दस घंटे में बदल गई तस्वीर

जबलपुर में स्वच्छता का कमाल कूड़े के ढेर पर बना खेल का मैदान, दस घंटे में बदल गई तस्वीर

प्रेषित समय :22:45:53 PM / Sun, Mar 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. शहर की पहचान तेजी से बदल रही है और स्वच्छता के क्षेत्र में जबलपुर एक नई मिसाल पेश करता नजर आ रहा है. जिस जगह पर कभी कचरे के ढेर और बदबू का साम्राज्य हुआ करता था, आज वहीं बच्चों की खिलखिलाहट, युवाओं के खेलते कदम और लोगों की तालियों की गूंज सुनाई दे रही है. शहर के राइट टाउन इलाके में हवा महल के सामने स्थित पुरानी कंजरवेंसी को जबलपुर नगर निगम ने महज दस घंटे के रिकॉर्ड समय में साफ कर एक सुंदर खेल मैदान में बदल दिया. जबलपुर ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक ऐसा 'छक्का' लगाया है, जिसकी गूँज आज हर गली-मोहल्ले में सुनाई दे रही है. यह कहानी किसी जादू की नहीं, बल्कि नगर निगम के अटूट संकल्प और मेहनत की है, जिसने एक बदबूदार कूड़े के ढेर को चंद घंटों में बच्चों के सपनों का खेल मैदान बना दिया.

नगर निगम के इस अभियान के पीछे महापौर   जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ और निगमायुक्त  राम प्रकाश अहिरवार   का मार्गदर्शन और नेतृत्व रहा. दोनों के निर्देश पर नगर निगम की स्वच्छता टीम ने एक ऐसा महा-अभियान चलाया जिसने शहर की सोच और तस्वीर दोनों बदल दी. सुबह से शुरू हुआ सफाई का यह अभियान लगातार चलता रहा और देखते ही देखते वह स्थान, जो वर्षों से गंदगी और कचरे के कारण उपेक्षित पड़ा था, एक साफ-सुथरे और व्यवस्थित मैदान के रूप में सामने आ गया.

10 घंटों का वह 'जादुई' परिवर्तन
राइट टाउन स्थित हवा महल के सामने की वह पुरानी कंजरवेंसी, जहाँ से गुजरते वक्त लोग अपनी नाक सिकोड़ लेते थे, आज वहाँ की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.  नगर निगम की टीम ने एक 'महा-अभियान' छेड़ा. घड़ी की सुइयाँ टिक-टिक कर रही थीं और सफाई मित्र पसीने से तर-बतर थे. मात्र 10 घंटों के रिकॉर्ड समय में उस गंदगी के साम्राज्य को उखाड़ फेंका गया और उसकी जगह एक सुंदर, समतल प्लेग्राउंड तैयार कर दिया गया.सुबह से ही दर्जनों सफाईकर्मी, मशीनें और नगर निगम की टीम मौके पर जुट गई. कचरे के बड़े-बड़े ढेर हटाए गए, जमीन को समतल किया गया और पूरे क्षेत्र को साफ कर व्यवस्थित रूप दिया गया. कुछ ही घंटों में वह स्थान पूरी तरह बदल चुका था. जहां कभी कूड़ा फैला रहता था, वहीं अब साफ जमीन दिखाई देने लगी. नगर निगम की टीम ने मैदान को खेलने योग्य बनाने के लिए जमीन को समतल करने के साथ-साथ आसपास की सफाई भी सुनिश्चित की.

इस पूरे अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसे केवल सफाई तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे एक सामुदायिक पहल का रूप दिया गया. स्थानीय लोगों को भी इस बदलाव का हिस्सा बनाया गया और जब मैदान तैयार हो गया तो वहां एक खास आयोजन किया गया. उसी शाम बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाकर लोगों को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे फाइनल मैच का सामूहिक रूप से आनंद लेने का अवसर दिया गया.

कचरे पर लगा 'स्वच्छता का छक्का'
इस बदलाव का अहसास तब और गहरा हो गया जब उस मैदान पर पहली बार बच्चों के दौड़ने की आवाजें गूँजीं. जहाँ कल तक कचरा और बीमारियाँ पनप रही थीं, वहाँ आज चौके-छक्के लग रहे हैं. इस नवाचार ने साबित कर दिया कि अगर इरादे नेक हों, तो शहर की तस्वीर बदलना नामुमकिन नहीं है. स्थानीय निवासियों के चेहरों पर जो संतोष और मुस्कान थी, वह नगर निगम की पूरी टीम के लिए किसी बड़े पुरस्कार से कम नहीं थी

इस ऐतिहासिक परिवर्तन का जश्न भी बेहद अनूठा रहा. नवनिर्मित मैदान पर एक बड़ी टीवी स्क्रीन लगाई गई, जहाँ स्थानीय लोगों ने मिलकर इंडिया बनाम न्यूजीलैंड के फाइनल मैच का आनंद लिया. खुद निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार और उनकी ऊर्जावान स्वच्छता टीम इस पल की साक्षी बनी. निगमायुक्त ने बड़ी आत्मीयता से कहा कि यह सिर्फ एक सफाई अभियान नहीं है, बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत एक ऐसा नवाचार है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाएगा.

अब हवा महल के सामने से लोग गुजरेंगे  हैं, तो उन्हें कचरे की दुर्गंध नहीं, बल्कि बदलाव की ताजी हवा महसूस होगी . यह 'स्वच्छ चमत्कार' जबलपुर के इतिहास में एक मिसाल बनकर दर्ज हो गया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-