प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने हाल ही में अभिनेता अनिल कपूर के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि एक छोटे शहर के लड़के के लिए अपने बचपन के प्रिय अभिनेता को निर्देशित करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी नई फिल्म Subedaar उनके लिए केवल एक फिल्म नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ी एक बेहद व्यक्तिगत यात्रा है।
सुरेश त्रिवेणी अपने संवेदनशील और चरित्र प्रधान कथानक के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले वह Tumhari Sulu और Jalsa जैसी फिल्मों के माध्यम से दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। उनकी फिल्मों में अक्सर साधारण लोगों की असाधारण कहानियां देखने को मिलती हैं, जिनमें भावनात्मक गहराई और मानवीय संवेदनाओं को प्रमुखता दी जाती है।
अपनी नई फिल्म ‘सुबेदार’ के बारे में बात करते हुए सुरेश त्रिवेणी ने बताया कि यह परियोजना उनके लिए बेहद खास है क्योंकि इसमें मुख्य भूमिका निभा रहे अनिल कपूर उन कलाकारों में से हैं जिनकी फिल्मों को देखकर वह बड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि बचपन में अनिल कपूर की फिल्मों का उन पर गहरा प्रभाव रहा और उनके अभिनय ने उनके भीतर सिनेमा के प्रति रुचि पैदा की।
निर्देशक ने अपने बचपन की एक याद साझा करते हुए बताया कि जब फिल्म Tezaab प्रदर्शित हुई थी, तब अनिल कपूर का किरदार युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया था। उस समय वह रांची के रहने वाले एक छोटे बच्चे थे और फिल्म के बाद ‘मुन्ना’ नाम का किरदार बच्चों और युवाओं में चर्चा का विषय बन गया था। उन्होंने हंसते हुए याद किया कि उस दौर में वह भी उस किरदार से इतना प्रभावित थे कि अक्सर उसी अंदाज की पोशाक पहनकर घूमते थे।
सुरेश त्रिवेणी ने कहा कि उस समय उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन वह उसी अभिनेता को निर्देशित करेंगे जिसे वह बचपन से पसंद करते आए हैं। उनके अनुसार एक छोटे शहर के बच्चे के लिए यह अनुभव किसी सपने के सच होने जैसा है।
उन्होंने बताया कि ‘सुबेदार’ फिल्म की कहानी धीरे-धीरे उनके मन में आकार लेती गई। शुरुआत में यह केवल एक साधारण विचार था, लेकिन समय के साथ यह उनके लिए एक बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक परियोजना बन गया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म को बनाने के पीछे उनकी अपनी दृढ़ता, भावनात्मक जुड़ाव और कहानी के प्रति विश्वास प्रमुख कारण रहे।
निर्देशक ने यह भी बताया कि इस यात्रा में उन्हें कई लोगों का सहयोग मिला, जिसने इस फिल्म को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस विचार को अपने सहयोगी Vikram Malhotra के साथ साझा किया तो उन्होंने तुरंत इस परियोजना का समर्थन किया। इसके बाद अनिल कपूर से संपर्क किया गया और आश्चर्य की बात यह रही कि अभिनेता ने बिना किसी हिचकिचाहट के इस परियोजना पर भरोसा जताया।
सुरेश त्रिवेणी के अनुसार अनिल कपूर का यह विश्वास उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म के निर्माण में विश्वास और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण तत्व होते हैं, और जब एक अनुभवी अभिनेता किसी नए विचार पर भरोसा करता है तो वह पूरी टीम के लिए उत्साह का कारण बन जाता है।
फिल्म ‘सुबेदार’ में अनिल कपूर मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और यह फिल्म दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रही है। फिल्म का प्रदर्शन 5 मार्च को Amazon Prime Video पर किया गया, जहां इसे देखने के लिए दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
फिल्म के बारे में निर्देशक का कहना है कि यह कहानी केवल मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि भावनाओं और जीवन के अनुभवों को दर्शाने के लिए बनाई गई है। उनका मानना है कि जब कोई फिल्म दिल से बनाई जाती है तो दर्शक उससे खुद को जोड़ पाते हैं।
‘सुबेदार’ के अलावा सुरेश त्रिवेणी एक और दिलचस्प परियोजना पर भी काम कर रहे हैं। उनकी आगामी फिल्म Maa Behen बताई जा रही है, जिसमें अभिनेत्री Madhuri Dixit और Triptii Dimri प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगी। यह परियोजना Netflix के लिए बनाई जा रही है और इससे दर्शकों को निर्देशक की कहानी कहने की एक नई शैली देखने को मिल सकती है।
फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि सुरेश त्रिवेणी उन निर्देशकों में शामिल हैं जो अपने अलग विषय और संवेदनशील प्रस्तुति के कारण पहचान बना रहे हैं। उनकी फिल्मों में साधारण जीवन की कहानियों को गहराई और संवेदना के साथ प्रस्तुत किया जाता है, जो दर्शकों के दिल को छू जाती हैं।
सुरेश त्रिवेणी के अनुसार उनके लिए सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने का एक शक्तिशाली जरिया है। उन्होंने कहा कि जब कोई कहानी दिल से निकलती है और सच्चाई के साथ कही जाती है तो वह दर्शकों तक जरूर पहुंचती है।
इस तरह ‘सुबेदार’ केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक निर्देशक के सपनों, संघर्ष और विश्वास की कहानी भी है। एक छोटे शहर से निकलकर अपने पसंदीदा अभिनेता के साथ काम करने तक की यात्रा को सुरेश त्रिवेणी आज भी एक चमत्कार की तरह देखते हैं। उनके अनुसार यह अनुभव उन्हें हमेशा प्रेरित करता रहेगा और उन्हें नई कहानियां कहने के लिए उत्साहित करता रहेगा।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

