अहमदाबाद। भारत की ऐतिहासिक टी20 विश्व कप जीत के बाद टीम के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने इस सफलता का श्रेय टीम के मजबूत माहौल, आपसी विश्वास और खिलाड़ियों के बीच सहयोग की भावना को दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में भारतीय टीम के अंदर जो सकारात्मक संस्कृति बनी है, उसी ने खिलाड़ियों को दबाव की परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। भारत ने फाइनल मुकाबले में New Zealand national cricket team को हराकर खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला अहमदाबाद के प्रतिष्ठित Narendra Modi Stadium में खेला गया था, जहां भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी जीती।
मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए 25 वर्षीय अभिषेक शर्मा ने कहा कि टीम के अंदर का माहौल पिछले डेढ़ साल से बेहद सकारात्मक रहा है। उनके मुताबिक टीम में किसी भी खिलाड़ी के बीच प्रतिस्पर्धा या ईर्ष्या जैसी भावना नहीं थी, बल्कि हर खिलाड़ी दूसरे की सफलता में खुश होता था। उन्होंने कहा कि टीम के सभी सदस्य एक परिवार की तरह रहते हैं और यही भावना मैदान पर भी दिखाई देती है। अभिषेक ने कहा कि जब खिलाड़ी एक-दूसरे से इतना प्यार और समर्थन करते हैं तो व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा टीम की सफलता मायने रखती है।
अभिषेक शर्मा ने बताया कि जब उनके बल्ले से रन नहीं बन रहे थे तब भी टीम के साथी खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ ने उन पर पूरा भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि यही विश्वास किसी भी खिलाड़ी को मुश्किल समय से बाहर निकलने की ताकत देता है। उनके अनुसार जब आसपास के लोग लगातार प्रोत्साहित करते हैं और खिलाड़ी को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं तो उसका आत्मविश्वास बना रहता है और वह जल्द ही वापसी कर पाता है।
युवा खिलाड़ियों को सलाह देते हुए अभिषेक ने कहा कि करियर में कठिन दौर आना स्वाभाविक है, लेकिन उस समय खुद पर भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ी खुद पर संदेह करने लगे तो उसका असर सीधे उसके खेल पर पड़ता है और दबाव बढ़ जाता है। इसलिए आत्मविश्वास और लगातार मेहनत ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
उन्होंने यह भी कहा कि टीम खेलों में एक-दूसरे का साथ देना बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब कोई खिलाड़ी खराब दौर से गुजर रहा हो तो बाकी खिलाड़ियों को उसका हौसला बढ़ाना चाहिए। अभिषेक के मुताबिक जब खिलाड़ी अपने साथियों की मुश्किल घड़ी में मदद करते हैं तो वही समर्थन बाद में उनके पास भी वापस आता है। उन्होंने कहा कि टीम की असली ताकत तभी बनती है जब सभी खिलाड़ी एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं।
इस दौरान भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज Ishan Kishan ने भी टीम की जीत को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने खास तौर पर टीम के साथी खिलाड़ी Sanju Samson की तारीफ की, जिन्होंने टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबलों में अहम प्रदर्शन किया। किशन ने कहा कि संजू सैमसन के साथ बल्लेबाजी करना हमेशा शानदार अनुभव होता है क्योंकि वह एक बेहतरीन और प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं।
किशन ने बताया कि भले ही टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में सैमसन ज्यादा रन नहीं बना पाए थे, लेकिन उन्हें हमेशा विश्वास था कि वह किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि नॉकआउट मुकाबलों में जिस तरह से सैमसन ने दबाव के बीच शानदार खेल दिखाया, वह बिल्कुल आसान नहीं था। किशन के मुताबिक सैमसन ने अपने आत्मविश्वास और साहस से यह साबित कर दिया कि बड़े मैचों में खुद पर भरोसा रखना कितना जरूरी होता है।
उन्होंने कहा कि सैमसन ने आखिरी तीन मैचों में जिस तरह से अपने शॉट्स खेले और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला, वह उनके चरित्र और मानसिक मजबूती को दिखाता है। किशन का मानना है कि भारतीय टीम की सफलता का सबसे बड़ा कारण यही था कि हर खिलाड़ी ने दबाव के समय खुद पर भरोसा रखा और टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की।
भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत को क्रिकेट जगत में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। खिलाड़ियों का मानना है कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत प्रतिभा की वजह से नहीं बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास, मजबूत टीम संस्कृति और आपसी विश्वास की वजह से संभव हो सकी। टीम के अंदर बना यह सकारात्मक माहौल ही आने वाले वर्षों में भी भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

