पाइरेसी पर केंद्र की सख्ती टेलीग्राम को 3 घंटे में अवैध कंटेंट हटाने का नोटिस

पाइरेसी पर केंद्र की सख्ती टेलीग्राम को 3 घंटे में अवैध कंटेंट हटाने का नोटिस

प्रेषित समय :21:40:15 PM / Wed, Mar 11th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन पाइरेसी पर कड़ा रुख अपनाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को नोटिस जारी किया है और उसे तीन घंटे के भीतर अपने प्लेटफॉर्म से पायरेटेड कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से की गई है, जब कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने शिकायत की कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज को टेलीग्राम चैनलों पर बड़े पैमाने पर अवैध रूप से साझा किया जा रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत जारी किया गया है। मंत्रालय ने टेलीग्राम से कहा है कि जिन चैनलों पर कॉपीराइट सामग्री को बिना अनुमति साझा किया जा रहा है, उन्हें तुरंत हटाया जाए और उन तक पहुंच भी बंद की जाए। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पाइरेसी तेजी से बढ़ रही है, जिससे फिल्म और ओटीटी उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।

बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की शुरुआत कई प्रमुख ओटीटी कंपनियों की शिकायतों के बाद हुई। इनमें JioCinema और Amazon Prime Video जैसे बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन कंपनियों ने सरकार को बताया कि उनके कॉपीराइट वाले कंटेंट को टेलीग्राम के विभिन्न चैनलों के जरिए बड़ी संख्या में अवैध रूप से साझा किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया कि नई रिलीज फिल्में और वेब सीरीज भी बिना अनुमति के टेलीग्राम पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

शिकायतों की समीक्षा करने के बाद अधिकारियों ने जांच की और पाया कि हजारों टेलीग्राम चैनल पाइरेसी में शामिल हो सकते हैं। सरकारी जांच के दौरान कुल 3,142 ऐसे चैनलों की पहचान की गई जिन पर कथित रूप से पायरेटेड सामग्री साझा की जा रही थी। इन चैनलों के जरिए करीब 1,166 फिल्मों और वेब सीरीज से जुड़ा कंटेंट अवैध रूप से प्रसारित किया जा रहा था।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पूरी तरह शिकायत आधारित कार्रवाई है। विभिन्न स्रोतों जैसे कंटेंट मालिकों, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और नागरिक संगठनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उनकी सामग्री टेलीग्राम चैनलों पर बिना अनुमति साझा की जा रही है। इसके बाद मंत्रालय ने मामले की जांच कर कार्रवाई का फैसला लिया।

मंत्रालय की ओर से 11 मार्च को जारी दो पन्नों के नोटिस में कहा गया है कि कई टेलीग्राम चैनल फिल्म निर्माताओं और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के स्वामित्व वाले कंटेंट को बिना अनुमति उपलब्ध करा रहे हैं, जो Copyright Act 1957 का उल्लंघन है। नोटिस में टेलीग्राम को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि नोटिस मिलने के तीन घंटे के भीतर इन चैनलों को हटाया जाए या उनकी पहुंच बंद की जाए।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि कार्रवाई करते समय प्लेटफॉर्म को इस तरह काम करना होगा कि संभावित सबूत नष्ट न हों, ताकि आगे की जांच में उन्हें इस्तेमाल किया जा सके। सरकार ने इस मामले में Information Technology Act 2000 की धारा 79(3)(b) और सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम 2021 के नियम 3(1)(d) का हवाला दिया है। इन प्रावधानों के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अधिकारियों द्वारा सूचित किए जाने के बाद अवैध सामग्री को हटाना अनिवार्य होता है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि प्लेटफॉर्म इन निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसे मिलने वाली “सेफ हार्बर” सुरक्षा समाप्त हो सकती है। यह सुरक्षा ऑनलाइन इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए कानूनी जिम्मेदारी से बचाती है। यदि यह सुरक्षा हट जाती है तो प्लेटफॉर्म को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस के साथ लगभग 120 पन्नों का एक परिशिष्ट भी संलग्न किया गया है। इसमें उन सभी टेलीग्राम चैनलों की सूची दी गई है जो कथित तौर पर पाइरेसी में शामिल हैं। सूची में चैनलों के नाम, उनके यूआरएल, साझा किए गए पायरेटेड लिंक की संख्या और अवैध रूप से प्रसारित की जा रही फिल्मों तथा वेब सीरीज के नाम शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक इन चैनलों पर कई नई फिल्मों और वेब सीरीज के पायरेटेड लिंक साझा किए गए थे। इनमें KGF Chapter 2, Kantara: A Legend Chapter 1 और Bhool Chuk Maaf जैसी फिल्मों के नाम भी शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेब सीरीज भी अवैध रूप से उपलब्ध कराई जा रही थीं। इन प्लेटफॉर्म्स में SonyLIV, JioHotstar और ShemarooMe भी शामिल हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ नेटवर्क ऑडियोबुक पाइरेसी में भी शामिल हैं और वे ऑडियो प्लेटफॉर्म्स के कंटेंट को अवैध रूप से साझा कर रहे हैं। इनमें KukuFM से जुड़े ऑडियो कंटेंट के लिंक भी पाए गए हैं।

डिजिटल पाइरेसी का यह मुद्दा भारत में लगातार बढ़ता जा रहा है। पाइरेसी ट्रेंड्स एंड इनसाइट रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारत वैश्विक पाइरेसी ट्रैफिक का लगभग 8.12 प्रतिशत हिस्सा है। रिपोर्ट में बताया गया कि पायरेटेड वेबसाइट्स पर कुल लगभग 1,756 करोड़ विजिट भारत से दर्ज की गईं। यह आंकड़ा फिल्म और मनोरंजन उद्योग के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।

सरकार की इस कार्रवाई को डिजिटल पाइरेसी के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से कार्रवाई की जाती है तो इससे कॉपीराइट उल्लंघन पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है और कंटेंट क्रिएटर्स के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-