छत्तीसगढ़ विधानसभा में उद्योग व श्रम विभाग की ₹1,823.87 करोड़ की अनुदान मांगें पारित, ₹8 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ विधानसभा में उद्योग व श्रम विभाग की ₹1,823.87 करोड़ की अनुदान मांगें पारित, ₹8 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव

प्रेषित समय :19:56:09 PM / Fri, Mar 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा श्रम विभाग की कुल ₹1,823.87 करोड़ की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं. इनमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए ₹1,567.86 करोड़ और श्रम विभाग के लिए ₹256.90 करोड़ स्वीकृत किए गए. सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और राज्य को अब तक ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं.

उद्योग विभाग: निवेश, पारदर्शिता और अधोसंरचना पर जोर

उद्योग मंत्री Lakhanlal Dewangan ने बताया कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए विभाग को ₹1,750 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इसमें से ₹652 करोड़ उद्योगों को अनुदान के रूप में दिए जाएंगे, जबकि लगभग ₹700 करोड़ भू-अर्जन, भूमि विकास और औद्योगिक अधोसंरचना के लिए खर्च किए जाएंगे.

औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन अब ई-निविदा प्रणाली से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है. राज्य सरकार ने 140 से अधिक निवेशकों को ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ जारी किया है. निवेश प्रस्ताव स्टील, पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल्स, आईटी, BPO और क्लीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों से प्राप्त हुए हैं.

नए उद्योग और रोजगार

पिछले एक वर्ष में राज्य में 951 नए उद्योग स्थापित हुए, जिनसे ₹8,000 करोड़ से अधिक निवेश आया और 45,000 से अधिक रोजगार सृजित हुए.

सरकार बस्तर से सरगुजा तक 23 नए औद्योगिक क्षेत्र और पार्क विकसित कर रही है. इनमें 4 फ्लैटेड फैक्ट्री अधोसंरचनाएं भी शामिल हैं.

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बिलासपुर में दो कामकाजी महिला हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, जिनके लिए ₹20 करोड़ का प्रावधान किया गया है. साथ ही निजी भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित करने वालों को अधोसंरचना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान देने की व्यवस्था की गई है.

स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए स्टार्ट-अप मिशन को ₹100 करोड़ का बजट दिया गया है.

श्रम विभाग: सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा योजनाएं

श्रम विभाग के अंतर्गत असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की 56 श्रेणियों के लिए ₹128 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ₹3 करोड़ अधिक है.

वर्तमान में 96 श्रमिक बच्चों को उत्कृष्ट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा दी जा रही है. आगामी वर्ष में ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के तहत 200 बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवेश दिलाने का लक्ष्य रखा गया है.

वर्ष 2025 में 31 योजनाओं पर ₹387 करोड़ से अधिक खर्च कर 32.58 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को लाभ पहुंचाया गया.

श्रमिकों के लिए बढ़ी सहायता

सरकार ने श्रमिक कल्याण योजनाओं में कई महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है:

श्रमिक आवास सहायता: ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 लाख

ई-रिक्शा सहायता: ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 लाख

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा: ₹10 करोड़

इंडस्ट्रियल हाइजीन लैब: ₹5 करोड़

कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएँ (ESI): ₹76.38 करोड़

इसके अलावा लाइसेंस नवीनीकरण, ऑन-साइट आपात योजना और फैक्ट्री भवन नक्शों का निस्तारण अब ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और सरल हो गई है.

आबकारी विभाग: राजस्व में 20% से अधिक वृद्धि

आबकारी विभाग ने भी राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है. वर्ष 2024-25 में ₹10,500 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹10,145 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो वर्ष 2023-24 के ₹8,430 करोड़ की तुलना में 20.35 प्रतिशत अधिक है. यह राज्य के कुल कर राजस्व का लगभग 11 प्रतिशत है.

वर्ष 2025-26 के लिए ₹12,000 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 28 फरवरी 2026 तक ₹9,660 करोड़ (लगभग 80.50%) प्राप्त किए जा चुके हैं.

नवा रायपुर में बनेगा कम्पोजिट कार्यालय भवन

वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए नवा रायपुर में एक कम्पोजिट कार्यालय भवन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. इस भवन में आबकारी मुख्यालय के साथ CSMCL, CSBCL, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता, आबकारी प्रशिक्षण संस्थान, रासायनिक प्रयोगशाला तथा प्रशिक्षणार्थियों के लिए छात्रावास और प्रशिक्षण स्थल शामिल होंगे. इसके लिए ₹15 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-