जबलपुर : नगर निगम ने लोक अदालत में करोड़ों की वसूली कर सबको चौंकाया, अब 1 अप्रैल को लेकर बड़ी तैयारी

जबलपुर : नगर निगम ने लोक अदालत में करोड़ों की वसूली कर सबको चौंकाया, अब 1 अप्रैल को लेकर बड़ी तैयारी

प्रेषित समय :13:48:49 PM / Sun, Mar 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर शहर के विकास की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वित्तीय वर्ष 2025-26 की लोक अदालत में राजस्व वसूली के तमाम पुराने रिकॉर्ड पीछे छूट गए हैं. निगम प्रशासन ने इस बार अपनी कार्यकुशलता और बेहतर प्रबंधन के दम पर वसूली का नया कीर्तिमान स्थापित किया है. 

आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 की लोक अदालत में निगम ने कुल 15 करोड़ 96 लाख रुपये का राजस्व संग्रहित किया है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में न केवल बेहतर है बल्कि विकास की नई गाथा लिख रहा है.

लोक अदालत में राजस्व का नया कीर्तिमान

राजस्व वसूली के मोर्चे पर नगर निगम की यह सफलता अभूतपूर्व मानी जा रही है. पिछले वित्तीय वर्ष यानी मार्च 2025 की लोक अदालत में 7 करोड़ 22 लाख रुपये की वसूली दर्ज की गई थी. इसके मुकाबले इस वर्ष प्राप्त हुआ 15 करोड़ 96 लाख रुपये का राजस्व पिछले साल की तुलना में 220 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि को दर्शाता है. इस शानदार उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, राजस्व प्रभारी डॉं. सुभाष तिवारी और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने पूरी टीम को बधाई दी है. महापौर ने इस सफलता का श्रेय शहर के जागरूक नागरिकों और निगम के समर्पित कर्मचारियों को दिया है. उन्होंने बताया कि यह टीम वर्क का ही सुखद परिणाम है कि जबलपुर निगम ने राजस्व संग्रहण में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. प्रशासन का मानना है कि इस राशि का उपयोग शहर की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने में किया जाएगा.

वसूली लक्ष्य को लेकर आज से मैदान में उतरेगा अमला

लोक अदालत की बड़ी सफलता के बाद अब नगर निगम प्रशासन ने शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है. निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने स्पष्ट किया है कि 15 मार्च से लेकर 31 मार्च तक निगम का पूरा प्रशासनिक अमला वसूली के लिए सघन अभियान चलाएगा. इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है जो शहर के विभिन्न वार्डों और क्षेत्रों में सक्रिय रहकर बकाया करों की वसूली सुनिश्चित करेंगी. निगम का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले अधिक से अधिक करदाताओं को कर जमा करने के लिए प्रेरित करना है. निगम के अधिकारी और कर्मचारी घर-घर दस्तक देंगे और करदाताओं को उनके बकाया राशि की जानकारी देते हुए तत्काल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करेंगे. यह 15 दिवसीय महा-अभियान नगर निगम की वित्तीय स्थिति को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है.

टैक्स जमा न करने पर 1 अप्रैल से लगेगा डबल अधिभार

नगर निगम प्रशासन ने करदाताओं को कड़ा संदेश देते हुए अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अप्रिय वैधानिक कार्यवाही से बचने के लिए समय पर अपने करों का भुगतान सुनिश्चित करें. निगमायुक्त ने चेतावनी दी है कि जो करदाता 31 मार्च तक अपना बकाया टैक्स जमा नहीं करेंगे, उन्हें 1 अप्रैल से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. नियमों के अनुसार 1 अप्रैल से बकाया राशि पर डबल अधिभार यानी सरचार्ज लगना शुरू हो जाएगा. महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और राजस्व प्रभारी डॉं. सुभाष तिवारी ने संयुक्त रूप से नागरिकों से आग्रह किया है कि वे शहर के विकास में सहभागी बनें. समय पर टैक्स का भुगतान करना न केवल एक जिम्मेदारी है बल्कि इससे भविष्य में लगने वाले भारी जुर्माने और वैधानिक कार्यवाही से भी बचा जा सकता है. निगम की ओर से साफ किया गया है कि अब वसूली प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और बड़े बकायादारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-