आईपीएल 2026 से पहले मुंबई इंडियंस की रणनीति पर चर्चा, बुमराह पर निर्भरता और विदेशी खिलाड़ियों के चयन पर उठे सवाल

आईपीएल 2026 से पहले मुंबई इंडियंस की रणनीति पर चर्चा, बुमराह पर निर्भरता और विदेशी खिलाड़ियों के चयन पर उठे सवाल

प्रेषित समय :22:22:17 PM / Mon, Mar 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

Indian Premier League 2026 के शुरू होने से पहले क्रिकेट जगत में टीमों की रणनीति और संभावित संयोजनों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी कड़ी में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर Aakash Chopra ने Mumbai Indians की टीम संरचना, खासकर तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah पर टीम की निर्भरता और विदेशी खिलाड़ियों के चयन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि मुंबई इंडियंस के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार है, लेकिन प्लेइंग इलेवन में सही संतुलन बनाना टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की कमान Hardik Pandya के हाथों में है और टीम पिछले पांच वर्षों से खिताब जीतने में असफल रहने के बाद इस बार ट्रॉफी सूखे को खत्म करने के इरादे से मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। फ्रेंचाइज़ी का लक्ष्य एक बार फिर लीग की सबसे सफल टीम बनना है। ऐसे में टीम की रणनीति और खिलाड़ियों के चयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आकाश चोपड़ा ने कहा कि जब भी जसप्रीत बुमराह मैदान पर उतरते हैं तो उनके ऊपर स्वाभाविक रूप से अतिरिक्त जिम्मेदारी होती है, क्योंकि वे टीम के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज हैं। बुमराह के चार ओवर मैच के अलग-अलग महत्वपूर्ण चरणों में डाले जाते हैं, जिसमें पावरप्ले, मध्य ओवर और डेथ ओवर शामिल होते हैं। यही कारण है कि उनकी भूमिका बेहद अहम हो जाती है और उनसे हर मैच में विकेट लेने तथा विपक्षी टीम को रन बनाने से रोकने की उम्मीद रहती है।

चोपड़ा के अनुसार, चाहे Trent Boult या Deepak Chahar कितनी भी अच्छी गेंदबाजी कर लें, बुमराह पर दबाव हमेशा बना रहेगा, क्योंकि टीम की गेंदबाजी आक्रमण का मुख्य आधार वही हैं। उन्होंने कहा कि यदि बोल्ट और चहर दोनों पूरी तरह फिट रहते हैं, तो मुंबई इंडियंस नई गेंद से स्विंग का फायदा उठाने के लिए इन दोनों पर भरोसा कर सकती है। ऐसे में बुमराह, बोल्ट, दीपक चहर और हार्दिक पंड्या टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज हो सकते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर Corbin Bosch टीम में एक बैकअप विकल्प के रूप में मौजूद हैं, लेकिन विदेशी खिलाड़ियों की संख्या सीमित होने के कारण हर मैच में सभी को मौका देना संभव नहीं होगा। आईपीएल के नियमों के अनुसार किसी भी टीम की प्लेइंग इलेवन में अधिकतम चार विदेशी खिलाड़ी ही शामिल किए जा सकते हैं, जिससे चयन प्रक्रिया और भी जटिल हो जाती है।

आकाश चोपड़ा ने बल्लेबाजी संयोजन को लेकर भी अपनी राय रखी। उनका मानना है कि मुंबई इंडियंस ओपनिंग में फिर से Rohit Sharma और Quinton de Kock की जोड़ी पर भरोसा कर सकती है। यह लेफ्ट-राइट संयोजन पहले भी टीम के लिए काफी सफल रहा है और इसी जोड़ी ने 2019 और 2020 में टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।

हालांकि उनके अनुसार सबसे बड़ा सवाल इंग्लैंड के ऑलराउंडर Will Jacks को प्लेइंग इलेवन में जगह देने को लेकर होगा। टीम में Sherfane Rutherford जैसे खिलाड़ी भी मौजूद हैं, जो निचले क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी करने के साथ-साथ गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि इन दोनों में से किसे अधिक प्राथमिकता दी जाए।

इसके अलावा गेंदबाजी विभाग में भी विदेशी खिलाड़ियों का चयन आसान नहीं होगा। चोपड़ा का मानना है कि ट्रेंट बोल्ट की जगह लगभग तय मानी जा सकती है, जबकि दूसरे विदेशी गेंदबाज के रूप में Mitchell Santner या Allah Ghazanfar में से किसी एक को मौका दिया जा सकता है। वहीं कॉर्बिन बोश भी विकल्प के रूप में मौजूद हैं।

चोपड़ा ने इस स्थिति को “प्रॉब्लम ऑफ प्लेंटी” यानी खिलाड़ियों की अधिकता वाली समस्या बताया। उनके अनुसार यह किसी भी टीम के लिए सकारात्मक चुनौती होती है, क्योंकि इससे टीम के पास कई मजबूत संयोजन बनाने के विकल्प उपलब्ध रहते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय टीम प्रबंधन और कप्तान को परिस्थितियों और विरोधी टीम के अनुसार लेना होगा।

मुंबई इंडियंस के मौजूदा स्क्वाड में हार्दिक पंड्या, रोहित शर्मा, Suryakumar Yadav, Tilak Varma, रयान रिकेल्टन, रॉबिन मिंज, राज बावा, मिशेल सैंटनर, कॉर्बिन बोश, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, दीपक चहर, विल जैक्स, शेरफेन रदरफोर्ड, मयंक मार्कंडे और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। इतने मजबूत और संतुलित स्क्वाड के साथ मुंबई इंडियंस एक बार फिर आईपीएल में खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-