झारखंड विधानसभा में गुंजी सुड़ी समाज की मांग, डुमरी विधायक जयराम महतो का समाज ने व्यक्त किया आभार

झारखंड विधानसभा में गुंजी सुड़ी समाज की मांग, डुमरी विधायक जयराम महतो का समाज ने व्यक्त किया आभार

प्रेषित समय :18:00:44 PM / Wed, Mar 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रांची (अनिल मिश्र)।झारखंड की राजनीति और सामाजिक न्याय के पटल पर दशकों से अपने संवैधानिक अधिकारों की बाट जोह रहे सुड़ी समाज की आवाज अब एक नई और मजबूत गूंज के साथ राज्य के सबसे बड़े पंचायत यानी झारखंड विधानसभा में सुनाई दी है। झारखंड विधानसभा के महत्वपूर्ण बजट सत्र 2026 की कार्यवाही के दौरान डुमरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक  श्री जयराम कुमार महतो ने राज्य के सुड़ी समाज की वर्षों पुरानी, बहुप्रतीक्षित और पूरी तरह से न्यायसंगत मांग को पूरी प्रखरता, तार्किकता और आक्रामकता के साथ सदन के पटल पर रखा है। सदन में उनकी इस गूंज ने न केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष का ध्यान इस ज्वलंत मुद्दे की ओर खींचा है, बल्कि पूरे राज्य में निवास करने वाले सुड़ी समाज के भीतर अपने हक और अधिकार को लेकर एक नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार भी कर दिया है। विधायक महतो ने सदन के पटल पर तथ्यों और तर्कों के साथ यह स्पष्ट किया कि किस प्रकार एक ही देश और एक ही भौगोलिक परिवेश के आसपास रहने वाले एक ही समाज के लोगों के साथ सीमाओं के आधार पर संवैधानिक भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने सदन को इस बात से अवगत कराया कि जब झारखंड की सीमाओं से सटे पश्चिम बंगाल, असम, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पड़ोसी राज्यों में सुड़ी समाज को पहले से ही अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा प्राप्त है और वे वहां इस दर्जे के तहत मिलने वाली तमाम सरकारी, शैक्षणिक और राजनीतिक सुविधाओं का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहे हैं, तो ऐसे में झारखंड राज्य के भीतर निवास करने वाले उसी सुड़ी समाज को इस अधिकार से वंचित रखना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है।

विधायक महतो ने अपनी बातों को विस्तार देते हुए सदन में जोर देकर कहा कि झारखंड के सुड़ी समाज की जीवनशैली, उनका रहन-सहन, उनकी लोक संस्कृति, उनकी वैवाहिक परंपराएं और उनके रीति-रिवाज बिल्कुल उन्हीं सुड़ी समाज के लोगों के समान हैं जो अन्य पड़ोसी राज्यों में निवास करते हैं और जिन्हें वहां की सरकारों और केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सामाजिक और सांस्कृतिक मापदंड एक जैसे हैं, छुआछूत और सामाजिक पिछड़ेपन का ऐतिहासिक दंश एक जैसा रहा है, तो फिर झारखंड राज्य के सुड़ी समाज के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उनका यह स्पष्ट मानना था कि राज्य सरकार को बिना किसी देरी के इस ऐतिहासिक भूल को सुधारने की दिशा में कड़ा और निर्णायक कदम उठाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सुड़ी समाज में हर्ष और कृतज्ञता की लहर दौड़ गई है।

 विधानसभा में समाज की इस सबसे बड़ी पीड़ा को प्रमुखता से उठाने और सरकार के सामने उनकी वकालत करने के एवज में माननीय विधायक का आभार प्रकट करने के उद्देश्य से आज बुधवार को झारखंड प्रदेश शौण्डिक संघ का एक उच्च स्तरीय और गरिमामयी प्रतिनिधिमंडल रांची स्थित विधायक आवास (नया विधानसभा के समीप) पहुँचा। इस प्रतिनिधिमंडल में पूरे राज्य और विशेषकर कोल्हान प्रमंडल से आए समाज के कई प्रबुद्ध और गणमान्य लोग शामिल थे, जिनके चेहरों पर अपने समाज के उत्थान की स्पष्ट रूपरेखा दिखाई दे रही थी।

इस प्रतिनिधिमंडल ने सुड़ी समाज की इस दबी हुई और अनसुनी आवाज को राज्य के सबसे बड़े पटल पर इतनी बुलंदी के साथ उठाने के लिए  विधायक जयराम कुमार महतो से आत्मीय मुलाकात की। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। साथ ही, सम्मान स्वरूप उन्हें शॉल ओढ़ाकर और श्रीमद्भगवद गीता की पवित्र पुस्तक भेंट कर उनके प्रति अपना और पूरे समाज का विशेष आभार व्यक्त किया। गीता भेंट करने का यह प्रतीकात्मक अर्थ भी निकाला जा रहा है कि विधायक ने जिस तरह से कर्मयोग का पालन करते हुए एक वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है, वह समाज के लिए वंदनीय है। इस ऐतिहासिक और भावपूर्ण अवसर पर मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश शौण्डिक संघ के कई शीर्ष पदाधिकारी एवं सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे पदाधिकारियों में संघ के महासचिव विद्याधर प्रसाद, सह-कोषाध्यक्ष कुणाल कुमार शाह, अरुणदेव कुमार, मिथिलेश प्र. साहु, ओमप्रकाश साहु, पंकज साहु, चंदन कुमार और कुशेश्वर चौधरी प्रमुख रूप से शामिल थे। इसके अलावा कोल्हान के औद्योगिक नगर जमशेदपुर से भी सुड़ी समाज के कई गणमान्य लोगों ने इस आभार प्रदर्शन कार्यक्रम में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। जमशेदपुर से आए प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सनत मंडल, बिन्दु देवी, सहदेव मंडल, तपन मंडल, सोहनलाल मंडल, ब्रजलाल मंडल और बुद्धेश्वर मंडल मौजूद रहे। इन सभी लोगों ने एक स्वर में विधायक जयराम महतो को धन्यवाद दिया और कहा कि आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इतने मुखर और तथ्यात्मक तरीके से उनकी इस जायज मांग को सदन में नहीं रखा था।

मुलाकात और आभार प्रदर्शन के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बीच झारखंड प्रदेश शौण्डिक संघ के महासचिव विद्याधर प्रसाद ने समाज की भावनाओं को शब्दों में पिरोते हुए मीडिया और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुड़ी समाज अपने हक और संवैधानिक अधिकार की लड़ाई दशकों से लड़ रहा है। यह कोई नई मांग नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अधिकार है जो उन्हें बहुत पहले ही मिल जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि विधायक जयराम महतो जी के इस ऐतिहासिक कदम की पूरा समाज भूरि-भूरि सराहना करता है और उनके इस साहसिक प्रयास ने समाज के हर एक व्यक्ति के मन में एक नई लौ जला दी है। महासचिव विद्याधर प्रसाद ने आगे कहा कि उन्हें और पूरे समाज को अब यह पूरी आशा और प्रबल उम्मीद है कि वर्तमान राज्य सरकार इस मुद्दे की गंभीरता और संवेदनशीलता को समझेगी। उन्होंने राज्य सरकार से यह पुरजोर अपील की है कि वह सुड़ी समाज की इस न्यायसंगत मांग को लेकर अपनी कैबिनेट में जल्द से जल्द एक प्रस्ताव पारित करे और बिना किसी विलंब के एक सकारात्मक अनुशंसा के साथ इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार और भारत के महापंजीयक (रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया) के पास भेजे ताकि सुड़ी समाज को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की संवैधानिक प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो सके।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-