एलन मस्क और मार्क जुकरबर्ग के नाम पर करोड़ों की सनसनीखेज साइबर डकैती, रिटायर्ड महिला टीचर से हड़पे सवा करोड़ से अधिक रुपए

एलन मस्क और मार्क जुकरबर्ग के नाम पर करोड़ों की सनसनीखेज साइबर डकैती, रिटायर्ड महिला टीचर से हड़पे सवा करोड़ से अधिक रुपए

प्रेषित समय :21:28:53 PM / Wed, Mar 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कानपुर।उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से साइबर अपराध का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि आम जनता के भी होश उड़ा दिए हैं। तकनीक के इस दौर में जहां दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग जैसे दिग्गजों का नाम प्रेरणा के लिए लिया जाता है, वहीं शातिर ठगों ने इन्हीं बड़े नामों का सहारा लेकर कानपुर की एक रिटायर्ड महिला शिक्षिका को अपना शिकार बनाया और उनसे जीवन भर की जमा पूंजी के रूप में 1.57 करोड़ रुपये लूट लिए। यह पूरी घटना किसी फिल्मी पटकथा जैसी प्रतीत होती है, जिसमें ठगों ने एक साल तक महिला को झांसे में रखा और अलग-अलग किरदारों के माध्यम से तब तक पैसे ऐंठे जब तक कि महिला का बैंक खाता पूरी तरह खाली नहीं हो गया।

इस सनसनीखेज धोखाधड़ी की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई थी, जब पीड़ित महिला के फेसबुक अकाउंट पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट भेजने वाले ने खुद को फेसबुक का मालिक मार्क जुकरबर्ग बताया। शुरुआत में सामान्य बातचीत के बाद ठगों ने महिला के पेशे और अनुभव का फायदा उठाते हुए उन्हें एक बड़े प्रोजेक्ट का लालच दिया। ठगों ने महिला को विश्वास दिलाया कि वे कानपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कूल खोलना चाहते हैं और इसके लिए उन्हें महिला जैसे अनुभवी शिक्षक की आवश्यकता है। कुछ समय बाद इस खेल में एक और किरदार की एंट्री हुई, जिसने खुद को टेस्ला और एक्स के मालिक एलन मस्क का बेहद करीबी बताया। इन हाई-प्रोफाइल नामों के जाल में फंसी महिला को लगा कि शायद उनके पास वैश्विक स्तर पर काम करने का एक बड़ा अवसर आया है। ठगों ने इसी मनोवैज्ञानिक कमजोरी का फायदा उठाते हुए प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट और प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट के नाम पर किस्तों में पैसे मांगना शुरू कर दिया।

हैरानी की बात यह है कि जब महिला को शक होना शुरू हुआ और उन्होंने पैसे देने से मना किया, तो ठगों ने अपनी रणनीति बदलते हुए 'मददगार' का मुखौटा पहन लिया। एक नए गिरोह ने महिला से संपर्क किया और दावा किया कि वे एक ऐसी संस्था से जुड़े हैं जो साइबर फ्रॉड में फंसे हुए पैसे वापस दिलाने का काम करती है। घबराहट और अपना पैसा वापस पाने की उम्मीद में महिला एक बार फिर उनके जाल में फंस गई। इस बार ठगों ने कूरियर चार्ज, कस्टम ड्यूटी और गाड़ियों की मरम्मत जैसे अजीबो-गरीब बहाने बनाकर महिला से लाखों रुपये और जमा करवा लिए। यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि जब महिला ने ऑनलाइन कानूनी मदद लेने की कोशिश की, तो वहां भी एक 'नकली वकील' ने उनकी बेबसी का फायदा उठाया। अशोक सुरेश नाम के इस कथित वकील ने महिला को झांसा दिया कि उनके पैसे एक बड़ी कंपनी में सुरक्षित निवेश हो चुके हैं और उन्हें 2.33 करोड़ रुपये का रिटर्न मिलेगा, लेकिन इस भारी-भरकम रकम को हासिल करने के लिए उन्हें टैक्स और स्टैंप ड्यूटी चुकानी होगी।

पूरे एक साल तक चले इस धोखाधड़ी के खेल में महिला ने अपनी मेहनत की कमाई के 1.57 करोड़ रुपये गंवा दिए। फरवरी 2026 तक जब एक भी रुपया वापस नहीं आया और ठगों के फोन बंद होने लगे, तब जाकर महिला को इस भीषण ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस और साइबर सेल में मामला दर्ज कराया। कानपुर पुलिस अब उन बैंक खातों और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की बारीकी से जांच कर रही है जिनके जरिए यह मोटी रकम ट्रांसफर की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह का काम हो सकता है जो सोशल मीडिया पर प्रतिष्ठित हस्तियों के नाम का दुरुपयोग कर शिक्षित और संपन्न वर्ग को निशाना बनाता है।

यह मामला इस बात का कड़ा सबक है कि साइबर ठग अब केवल अनपढ़ या कम जानकार लोगों को ही नहीं, बल्कि रिटायर्ड शिक्षकों और बुद्धिजीवियों को भी अपने जाल में फंसाने में माहिर हो चुके हैं। वे पीड़ित की पसंद, अनुभव और भविष्य की योजनाओं के आधार पर शिकार चुनते हैं। साइबर विशेषज्ञों ने अपील की है कि फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाली किसी भी वीआईपी फ्रेंड रिक्वेस्ट पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। एलन मस्क या मार्क जुकरबर्ग जैसी हस्तियां कभी भी व्यक्तिगत रूप से किसी को निवेश या नौकरी का ऑफर नहीं देती हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर सुरक्षा के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही करोड़ों का नुकसान करा सकती है। फिलहाल पुलिस ठगों की तलाश में जुटी है, लेकिन इस मामले ने पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है और लोग अब अपनी सोशल मीडिया सेटिंग्स को लेकर अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-