गुवाहाटी. असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक बिसात बिछा दी है. बुधवार को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक के बाद उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की गई, जिसमें 88 प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस बैठक में अनुभवी चेहरों और नए समीकरणों का खास ख्याल रखा गया है.
मुख्यमंत्री और दिग्गज मंत्रियों पर फिर भरोसा
भाजपा ने अपनी पहली सूची में सरकार के लगभग सभी बड़े चेहरों को मैदान में उतार दिया है:
हिमंता बिस्वा सरमा: मुख्यमंत्री अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से ही चुनाव लड़ेंगे.
अजंता निओग: राज्य की वित्त मंत्री अपनी पुरानी सीट गोलाघाट से मैदान में हैं.
चंद्रमोहन पटवारी: वरिष्ठ मंत्री को तिहू सीट की जिम्मेदारी दी गई है.
अन्य कद्दावर नाम: पीजूष हजारिका (जागीरोड), रंजीत कुमार दास (भवानीपुर-सोरभोग), और अशोक सिंघल (ढेकियाजुली) जैसे मंत्रियों को भी उनके गढ़ों से टिकट दिया गया है.
प्रद्युत बोरदोलोई: कांग्रेस से इस्तीफा और भाजपा का टिकट
इस लिस्ट का सबसे चौंकाने वाला नाम प्रद्युत बोरदोलोई का है. दशकों तक कांग्रेस के साथ रहे बोरदोलोई ने बुधवार को ही दिल्ली में भाजपा का दामन थामा और नगांव लोकसभा सीट से इस्तीफा दिया. पार्टी ने उन्हें गुवाहाटी की अहम दिसपुर सीट से उम्मीदवार बनाया है.
क्षेत्रीय और आरक्षित सीटों का समीकरण
पार्टी ने ऊपरी, मध्य और निचले असम के साथ-साथ आदिवासी बहुल इलाकों में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है:
ऊपरी असम: डिब्रूगढ़ से प्रशांत फुकन, डिगबोई से सुरेन फुकन और मार्घेरिटा से भास्कर सरमा को टिकट मिला है.
आरक्षित सीटें: पार्टी ने माजुली (ST), बोकाजान (ST), और दीफू (ST) जैसी महत्वपूर्ण आरक्षित सीटों पर भी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.
शहरी सीटें: गुवाहाटी सेंट्रल से विजय कुमार गुप्ता और न्यू गुवाहाटी से दिप्लू रंजन सरमा भाजपा का चेहरा होंगे.
CEC की बैठक में फाइनल हुई रणनीति
यह सूची भाजपा के प्रदेश प्रभारी और चुनाव समिति के अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में तैयार की गई. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस लिस्ट के जरिए भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर को काटने और 'मिशन असम' को फतह करने के लिए अपने सबसे मजबूत मोहरों को पहले ही राउंड में उतार दिया है.

