वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की सही दिशा में लगे भाग्यशाली पौधे बदल सकते किस्मत

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की सही दिशा में लगे भाग्यशाली पौधे बदल सकते किस्मत

प्रेषित समय :20:55:39 PM / Sat, Mar 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भारतीय ऋषि-मुनियों द्वारा प्रतिपादित प्राचीन वास्तु शास्त्र केवल भवन निर्माण की कला नहीं है बल्कि यह प्रकृति के पंचतत्वों और दिशाओं के संतुलन का वह विज्ञान है जो हमारे जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है. ज्योतिषाचार्यों और वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि घर की सही दिशा में लगा एक छोटा सा पौधा न केवल ऑक्सीजन देता है बल्कि वह घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोखकर सौभाग्य के द्वार खोल सकता है.

वास्तु विज्ञान के अनुसार पौधों का सीधा संबंध ग्रहों और देवताओं से होता है इसलिए इनका चयन और स्थान निर्धारण अत्यंत सावधानी से किया जाना चाहिए. उदाहरण के तौर पर जिस प्रकार किसी राज्य में राजा का स्थान सर्वोपरि होता है उसी प्रकार भारतीय घरों में तुलसी के पौधे को साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप मानकर पूजनीय स्थान दिया गया है. तुलसी न केवल एक औषधीय पौधा है बल्कि यह घर में आने वाली अदृश्य बाधाओं को रोकने वाला एक सुरक्षा कवच भी है जिसे हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में ही स्थापित करना चाहिए.वास्तु शास्त्र के गंभीर अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि पौधों की स्थिति घर की आर्थिक और मानसिक स्थिति को सीधे प्रभावित करती है. 

पौधा कहां लगाएं और किस दिशा में लगाएं

वास्तु के अनुसार, पौधे को अच्छी किस्मत और समृद्धि के लिए लिविंग रूम के दक्षिण-पूर्व कोने में रखा जाना चाहिए. दक्षिण पूर्व दिशा शुक्र ग्रह द्वारा शासित है और भगवान गणेश के स्वामित्व में है.

पेड़-पौधे से घर की सुख-समृद्धि व संपन्नता भी जुड़ी होती थी. वास्तु के हिसाब से आइए आपको ऐसे पेड़-पौधों के बारे में बताते हैं, जो आपके घर के लिए बेहद लाभकारी हैं.

वास्तु अनुसार लाभकारी पेड़-पौधे

तुलसी का पौधा: सबसे पहले शुरुआत तुलसी के पौधे से करते हैं, जो हर दूसरे भारतीय के घर में आपको मिल जाएगा. हिंदूू धर्म में इसे एक तरह से लक्ष्मी का दूसरा रूप माना गया है. सेहत के लिहाज से भी इसमें अद्भुत औषधीय गुण हैं. साथ ही तुलसी के पौधे के बारे में यह भी कहा जाता है कि यह घर में विपत्ति को आने से रोकता है और जिनको नहीं रोक पाता उसके संकेत देता है.

तुलसी का पौधा घर में उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए. यह घर से निगेटिव एनर्जी को दूर रखता है. वहीं यह अपने चारों ओर 50 मीटर तक का वातावरण भी शुद्ध रखता है. मगर गलती से भी तुलसी के पौधे को दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि फिर यह आपको फायदे की जगह काफी नुकसान पहुंचा सकता है.

बांस का पेड़: वास्तु में बांस के पेड़ को लेकर ऐसी मान्यताएं हैं कि इसे लगाने से आपकी तरक्की होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है. वहीं घर की निगेटिव एनर्जी भी दूर होती है. बांस के पेड़ के बारे में कहा जाता है कि यह हर वातावरण में तमाम मुश्किलों के बाद भी तेजी से बढ़ता है.

इसलिए इसे उन्नति, दीर्घ आयु और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. वहीं हिंदू धर्म के अनुसार भी बांस का घर में होना बेहद शुभ है. भगवान श्री कृष्ण हमेशा अपने पास बांस की बनी बांसुरी रखते थे. सभी शुभ अवसरों जैसे मुंडन, जनेउ व शादी आदि में बांस का जरूर उपयोग किया जाता है. इसे आप घर में कहीं भी लगा सकते हैं.

केले का पेड़: केला भी एक दिव्य गुणों से भरा पौधा है. यह एक फलदार पौधा होने के साथ ही घर में सुख और संपत्ति का संकेत भी देता है. हिंदु धर्म के अनुसार केले के पौधे में भगवान विष्णु का वास होता है और जिन घरों में होता है उन घरों की यह आर्थिक स्थिति कभी खराब नहीं होने देता है. ईशान कोण की दिशा में इसे लगाया जाना शुभ बताया गया है.

हल्दी: तुलसी की तरह हल्दी भी वरदान प्राप्त पौधा है. यह गुणकारी और चमत्कारी है. यह ऐसी चीज है जिसका हर चीज में इस्तेमाल किया जाता है, जैसे कि पूजा, औषधी, आहार, सौन्दर्य प्रसाधन.

आंवले का पेड़: कहते हैं कि आंवले के पेड़ की पूजा करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. इसकी हर रोज पूजा करने से सारे पापों का नाश भी होता है. इसे उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना अत्यंत लाभकारी माना गया है.

श्वेतार्क का पौधा: इसे गणपति का पौधा मानते हैं और यह दूध वाला होता है. अब वैसे तो वास्तु के हिसाब से ऐसे पौधों का घर के भीतर होना अशुभ होता है, मगर श्वेतार्क इस मामले में अपवाद है. ऐसी भी मान्यता है कि जिसके घर के समीप यह पौधा फलता-फुलता है वहां हमेशा बरकत बनी रहती है.

अनार का पेड़: अनार भी एक गुणकारी पौधा है. वास्तु के अनुसार, यह ग्रह दोष को दूर करने और व्यक्ति को समृद्धि बनाने वाला है. घर में अनार का पेड़ होने से ग्रह दोषों से बचा जा सकता है.

पारिजात का पौधा: पारिजात के पौधे के बारे में शास्त्रों में कहा गया है कि यह समुद्र मंथन से निकला था. इसके फूल को भगवान के चरणों में चढ़ाने से स्वर्ण दान का पुण्य मिलता है और इसके घर में होने से सारे देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है.

गुड़हल का पौधा: गुड़हल का पौधा देखने में जितना खूबसूरत होता है, उतना ही लाभकारी भी होता है. कहा जाता है कि घर में इसे लगाने से कानून संबंधी सभी काम पूरे हो जाते हैं. वहीं इसको आप कहीं भी रख सकते हैं. पूजा भी इसका इस्तेमाल होता है.

नारियल का पेड़: नारियल के पेड़ को भी शुभ माना गया है. कहते हैं जिस घर में नारियल के पेड़ होते हैं, उनके मान-सम्मान में खूब वृद्धि होती है.

बेल पत्र का पौधा: यह तो आपको पता ही होगा कि बेल पत्र का पौधा भगवान शिव को बेहद पसंद है, ऐसा कहा जाता है कि इस पर स्वयं भगवान शिव का वास होता है. जहां यह पौधा होता है, वहां पीढ़ी दर पीढ़ी लक्ष्मी जी का वास भी होता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-