जबलपुर. एमपी के जबलपुर में रसोई गैस की बढ़ती किल्लत को देखते हुए अब होटल, रेस्टारेंट प्रभावित होने लगे है,जिसके चलते उन्होने वैकल्पिक साधनों का उपयोग शुरु कर दिया है. वहीं इंडियन कॉफी हाउस ने अपने संचालन को बनाए रखने के लिए पुरानी व्यवस्था को अपनाया है. अब यहां रसोई में कोयले की भ_ियों और इंडक्शन कुकर की मदद से खाना तैयार किया जा रहा है.
कॉफी हाउस प्रबंधन का कहना है कि गैस एजेंसियों से सिलेंडर नहीं मिलने के कारण यह वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी है. उन्होंने स्वीकार किया कि कोयले की भ_ियों से धुआं निकलता है और इंडक्शन पर खाना बनने में अधिक समय लगता है. लेकिन ग्राहकों को असुविधा न हो, इसलिए काम जारी रखा गया है. देशभर में इंडियन कॉफी हाउस की लगभग 190 शाखाएं और 11 लॉज संचालित हैं. जबलपुर में भी इसकी 14 शाखाएं हैं, जहां इसी तरह वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग कर काम चलाया जा रहा है.
गैस संकट के बावजूद मेन्यू में किसी भी तरह की कटौती नहीं की गई है. सभी व्यंजन पहले की तरह ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं. हालांकि कोयले की कीमतों में वृद्धि के कारण संचालन लागत में बढ़ोतरी हुई है. प्रबंधन का कहना है कि उनके पुराने कर्मचारियों को कोयले के चूल्हों पर काम करने का अनुभव है. जिससे व्यवस्था सुचारु बनी हुई है. गैस आपूर्ति सामान्य होने तक यह हाइब्रिड व्यवस्था जारी रहेगी.
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