रायपुर.National Human Rights Commission ने छत्तीसगढ़ के Raipur में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है. 17 मार्च 2026 को एक निजी अस्पताल में जहरीली गैस की चपेट में आने से हुई इस दर्दनाक घटना ने मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सुरक्षा में लापरवाही के आरोप
मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि सफाई के दौरान कर्मचारियों को न तो मास्क, न ऑक्सीजन सिलेंडर और न ही कोई अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया गया. बिना सुरक्षा इंतजामों के टैंक में उतारे जाने से यह हादसा हुआ.
NHRC ने जताई चिंता
National Human Rights Commission ने कहा है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सफाईकर्मियों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है. आयोग ने इस तरह की घटनाओं को बेहद चिंताजनक बताते हुए सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया.
प्रशासन को नोटिस जारी
आयोग ने Raipur के जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
जांच और कार्रवाई पर फोकस
NHRC ने अपनी नोटिस में यह भी निर्देश दिया है कि रिपोर्ट में अब तक की जांच, उठाए गए कदम और दोषियों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई की पूरी जानकारी दी जाए. इस घटना के बाद राज्य प्रशासन और जांच एजेंसियों की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

