मुंबई. सयानी गुप्ता ने अपने लंबे समय से संजोए सपने को साकार करते हुए अब निर्देशन की दुनिया में कदम रख दिया है. वह अपनी पहली लघु फिल्म “आसमानी” के साथ निर्देशक के रूप में नई शुरुआत कर रही हैं. इस फिल्म की खास बात यह है कि उन्होंने न केवल इसका निर्देशन किया है, बल्कि इसकी कहानी लिखने और निर्माण की जिम्मेदारी भी स्वयं संभाली है, जिससे यह परियोजना उनके लिए बेहद निजी और भावनात्मक बन गई है.
इस फिल्म में अनुभवी अभिनेत्री Revathi मुख्य भूमिका में नजर आएंगी, जबकि एक नई कलाकार डारिया बेदी को इसी फिल्म के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है. फिल्म की कहानी रिश्तों, स्वतंत्रता और साथ के भाव को केंद्र में रखकर बुनी गई है, जिसमें अलग-अलग आयु वर्ग की महिलाओं के जीवन और सोच को संवेदनशील तरीके से दिखाया गया है.
सयानी गुप्ता, जिन्होंने भारतीय चलचित्र एवं दूरदर्शन संस्थान से शिक्षा प्राप्त की है, ने अपने इस सफर को लेकर भावुक होते हुए कहा कि चलचित्र निर्माण उनका सत्रह वर्षों से संजोया हुआ सपना रहा है. उन्होंने बताया कि अभिनय करते हुए हर परियोजना के साथ उनके भीतर निर्देशन की इच्छा और भी मजबूत होती गई. उनका मानना है कि आज के दौर में जब समाज में कई तरह की चुनौतियां और अस्थिरताएं हैं, तब सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जो विचार, संवाद और भावनाओं को व्यक्त करने का सशक्त साधन बन सकता है.
उन्होंने फिल्म के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “आसमानी” केवल प्रेम की कहानी नहीं है, बल्कि यह आत्मसम्मान, जीवन मूल्यों, हानि और स्वतंत्रता जैसे गहरे विषयों को भी छूती है. फिल्म में ऐसी महिलाओं की कहानी दिखाई गई है जो अपनी पहचान और मूल्य को समझती हैं और जीवन को अपने तरीके से जीना चाहती हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म दर्शकों के लिए सकारात्मकता, प्रेम और खुशी का अनुभव लेकर आएगी.
सयानी गुप्ता अपने अभिनय करियर में हमेशा अलग और अर्थपूर्ण भूमिकाएं चुनने के लिए जानी जाती रही हैं. उन्होंने कई चर्चित फिल्मों और शृंखलाओं में काम किया है, जिनमें उनकी भूमिका को सराहा गया. अब निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखते हुए वह अपनी रचनात्मकता का एक नया आयाम प्रस्तुत कर रही हैं.
इस फिल्म का निर्माण सयानी गुप्ता चलचित्र के बैनर तले किया गया है, जिसमें सुमित्रा गुप्ता कला प्रतिष्ठान और वन इंडिया स्टोरीज का सहयोग भी शामिल है. इस परियोजना को कई अनुभवी हस्तियों का भी समर्थन प्राप्त है, जिससे इसकी गुणवत्ता और प्रभाव को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं.
विशेष बात यह है कि फिल्म की पटकथा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिल चुकी है, जिससे इसके प्रदर्शन को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है. “आसमानी” के माध्यम से सयानी गुप्ता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल एक अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कथाकार और रचनात्मक निर्देशक के रूप में भी अपनी पहचान बनाना चाहती हैं.
इस नई शुरुआत के साथ उन्होंने अपने करियर में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है और यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में वह और भी सार्थक और प्रभावशाली कहानियां दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर सकती हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

