पटना. बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भविष्य को लेकर चर्चाओं के बीच जेडीयू से जुड़े बाहुबली नेता अनंत सिंह ने बड़ा बयान देकर सियासी माहौल गरमा दिया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.
यह बयान ऐसे समय आया है जब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा चल रही है कि नीतीश कुमार जल्द ही विधान परिषद से इस्तीफा देकर राज्यसभा का रुख कर सकते हैं. हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अटकलों के बीच अनंत सिंह का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है. इससे बिहार की राजनीति में संभावित बदलाव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.
दरअसल, अनंत सिंह बाढ़ अनुमंडल के मोकामा विधानसभा क्षेत्र के कन्हाईपुर में नवमी पूजा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उनका पारंपरिक अंदाज में भव्य स्वागत किया गया. ढोल-नगाड़ों और समर्थकों की भीड़ के बीच उन्होंने लोगों से मुलाकात की और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की. इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री पद को लेकर अपनी राय खुलकर रखी.
अनंत सिंह ने कहा कि अगर नेतृत्व परिवर्तन होता है तो निशांत कुमार एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी को नई पीढ़ी को मौका देना चाहिए, जिससे भविष्य की राजनीति को नई दिशा मिल सके. उनके इस बयान को जेडीयू के अंदरूनी समीकरणों और संभावित नेतृत्व परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है.
कार्यक्रम के दौरान कई जगहों पर अनंत सिंह और उनके बेटे अंकित सिंह के पोस्टर भी देखने को मिले, जिससे यह भी संकेत मिला कि क्षेत्रीय स्तर पर नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. गौरतलब है कि अनंत सिंह पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि वे अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. इसके बाद उनके बेटे की राजनीति में एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
अनंत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि फसल कटाई के बाद वे अपने क्षेत्र की हर पंचायत में जाकर लोगों का आभार व्यक्त करेंगे. उन्होंने यह भी दोहराया कि जनता के बीच जाकर ही वे आगे की रणनीति तय करेंगे. साथ ही उन्होंने एक बार फिर निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग दोहराते हुए इसे राज्य के लिए बेहतर विकल्प बताया.
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद का फैसला केवल व्यक्तिगत बयान से तय नहीं होता, बल्कि इसमें पार्टी नेतृत्व, गठबंधन की स्थिति और केंद्रीय राजनीति की भूमिका भी अहम होती है. ऐसे में अनंत सिंह का यह बयान भले ही चर्चा का विषय बन गया हो, लेकिन इसे अंतिम निर्णय के रूप में नहीं देखा जा सकता.
फिलहाल बिहार की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में बना हुआ है. आने वाले समय में यदि नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई ठोस फैसला सामने आता है, तो राज्य की सत्ता की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. तब तक इस तरह के बयानों से सियासी माहौल गरमाना तय माना जा रहा है.
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