नई दिल्ली. देश में रोजगार के मोर्चे पर एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां Indian Railways ने मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक विभिन्न श्रेणियों में 43,230 भर्तियां पूरी कर ली हैं. यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी. इस बड़े भर्ती अभियान को देश में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
सरकार के अनुसार इन भर्तियों में तकनीशियन, जूनियर इंजीनियर, पैरामेडिकल स्टाफ, रेलवे सुरक्षा बल के सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल तथा सहायक लोको पायलट जैसे अहम पद शामिल हैं. ये सभी पद रेलवे के संचालन और सुरक्षा से सीधे जुड़े हुए हैं, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं बल्कि रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होने की उम्मीद है.
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि लोको पायलट भारतीय रेल व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो यात्रियों और मालगाड़ियों को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करते हैं. उन्होंने कहा कि रेलवे उनके कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और इसी दिशा में कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं.
सहायक लोको पायलट भर्ती के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में 18,799 रिक्तियों की अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें से 15,873 उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जा चुकी है. वर्ष 2025 में 9,970 पदों के लिए अधिसूचना जारी हुई, जिनके लिए प्रथम चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा पूरी हो चुकी है. वहीं मार्च 2026 में 11,127 नई रिक्तियों की अधिसूचना जारी की गई है, जिससे आने वाले समय में और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है.
रेलवे में भर्ती का दायरा लगातार बढ़ता रहा है. आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2004-05 से 2013-14 के बीच लगभग 4.11 लाख भर्तियां हुई थीं, जबकि 2014-15 से 2024-25 के बीच यह संख्या बढ़कर 5.08 लाख हो गई. इससे स्पष्ट होता है कि पिछले वर्षों में रेलवे ने बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की हैं और मौजूदा वर्ष में भी यह सिलसिला जारी है.
रेल मंत्रालय के अनुसार रेलवे का विशाल नेटवर्क, भौगोलिक विस्तार और निरंतर संचालन की आवश्यकता को देखते हुए रिक्त पदों का बनना और भरना एक सतत प्रक्रिया है. नई तकनीकों, मशीनीकरण और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त और योग्य मानव संसाधन उपलब्ध कराना प्राथमिकता में शामिल है.
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए रेलवे ने कई तकनीकी उपाय अपनाए हैं. Railway Recruitment Board द्वारा आयोजित परीक्षाएं बड़े पैमाने पर कंप्यूटर आधारित प्रणाली से कराई जा रही हैं, जिनमें लाखों अभ्यर्थी भाग लेते हैं. रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इन परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्र लीक या किसी भी प्रकार की अनियमितता का कोई मामला सामने नहीं आया है, जिससे प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत हुई है.
वर्ष 2024 में विभिन्न पदों के लिए 92,116 रिक्तियों हेतु दस केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचनाएं जारी की गई थीं. इन पदों के लिए आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में 3.5 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जो इस भर्ती प्रक्रिया के विशाल पैमाने को दर्शाता है. इसके अलावा दूसरे चरण की परीक्षाएं और कौशल परीक्षण भी सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं.
वर्ष 2025 के लिए भी 50,970 रिक्तियों हेतु नौ अधिसूचनाएं जारी की गई हैं, जिनमें सहायक लोको पायलट, तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ, जूनियर इंजीनियर और अन्य पद शामिल हैं. इन परीक्षाओं में भी लाखों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया है और भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है.
रेलवे ने भर्ती प्रक्रिया को और सुव्यवस्थित बनाने के लिए वर्ष 2024 से वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करना शुरू किया है. इस पहल से अभ्यर्थियों को समय पर जानकारी मिलती है, जिससे उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलता है. साथ ही, इससे भर्ती प्रक्रिया में तेजी आई है और नियुक्तियों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है.
मौजूदा समय में रेलवे में गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के 1,54,213 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है. यह संख्या दर्शाती है कि आने वाले समय में भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे.
इसके साथ ही रेलवे ने कर्मचारियों, विशेषकर लोको पायलटों की कार्य स्थितियों में सुधार के लिए भी कदम उठाए हैं. 28 फरवरी 2026 तक 2,800 से अधिक लोकोमोटिव इंजनों में जलरहित मूत्रालय स्थापित किए जा चुके हैं. यह कदम लंबे समय तक ड्यूटी करने वाले लोको पायलटों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और उनकी कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही भर्तियां और सुधारात्मक कदम न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि देश की परिवहन व्यवस्था को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. आने वाले समय में इन पहलों का प्रभाव और व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

