जबलपुर. रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. अक्सर उच्च शिक्षा या विशेष ट्रेनिंग की इच्छा रखने वाले रेलकर्मियों के सामने सबसे बड़ी बाधा रेलवे आवास खाली करने की होती थी. हालांकि लेकिन अब रेलवे बोर्ड ने इस चिंता को जड़ से खत्म कर दिया है. इस संबंध के आदेश रेलवे बोर्ड ने पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर सहित देश के सभी रेल जोनों को दिया है.
रेलवे बोर्ड ने दिया ये है आदेश
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक अब यदि कोई कर्मचारी अपनी पढ़ाई के लिए दो वर्ष तक की लंबी छुट्टी (स्टडी लीव) पर जाता है, तो उसे अपना सरकारी क्वार्टर खाली करने की जरूरत नहीं होगी. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी अपनी पोस्टिंग वाले स्थान पर सामान्य लाइसेंस शुल्क देकर अधिकतम दो वर्ष तक आवास अपने पास रख सकेंगे.
आधिकारिक छुट्टियों के दौरान भी मिलेगी फेसीलिटी
बोर्ड ने कहा है कि अब किसी भी स्वीकृत प्रशिक्षण पर जाने वाले कर्मचारी पूरी अवधि तक आवास में रह सकेंगे. यदि कर्मचारी पोस्टिंग के इंतजार में है, तो भी यह सुविधा मिलेगी. सभी प्रकार की आधिकारिक छुट्टियों के दौरान भी आशियाना सुरक्षित रहेगा.
निश्चिंत होकर पढ़ाई पूरी कर सकेंगे
कार्यकारी निदेशक (ट्रांसफार्मेशन) प्रणव कुमार मलिक और निदेशक (एस्टेट) नीलम यादव द्वारा 30 मार्च को जारी यह आदेश उत्तर मध्य रेलवे सहित सभी जोनों में लागू कर दिया गया है. इस फैसले से उन हजारों रेलकर्मियों को राहत मिलेगी जो अपने करियर में आगे बढऩा चाहते हैं, लेकिन परिवार के आवास की समस्या के कारण हिचकिचाते थे. अब रेलकर्मी बेफिक्र होकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे.
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