हैदराबाद में बिहार की इंजीनियर ने की खुदकुशी, शादी के महज दो महीने बाद बिजनेस में निवेश के दबाव ने ली जान

हैदराबाद में बिहार की इंजीनियर ने की खुदकुशी, शादी के महज दो महीने बाद बिजनेस में निवेश के दबाव ने ली जान

प्रेषित समय :18:11:23 PM / Sun, Apr 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

हैदराबाद.मियापुर इलाके से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने आधुनिक समाज और शिक्षित वर्ग के बीच छिपी दहेज जैसी कुरीतियों के भयावह चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। यहाँ बिहार की रहने वाली एक 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल महिला ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका का शव बुधवार को मियापुर स्थित उसके अपार्टमेंट के हॉल में पंखे से लटका हुआ पाया गया। सबसे पहले उसके पति ने ही उसे इस हालत में देखा और शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस को प्रारंभिक जांच में शक है कि महिला ने घरेलू कलह और लगातार हो रहे मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न से तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठाया है। इस घटना ने न केवल हैदराबाद बल्कि बिहार में रह रहे मृतका के परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है, जहाँ महज दो महीने पहले ही शहनाइयां गूंजी थीं।

पुलिस और परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दुखद कहानी की शुरुआत साल 2020 में हुई थी जब सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार की इस प्रतिभाशाली इंजीनियर की मुलाकात मध्य प्रदेश के एक युवक से हुई थी। दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और देखते ही देखते यह दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों लगभग पांच साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे और एक-दूसरे को समझने का प्रयास किया। लंबी अवधि तक साथ रहने के बाद इसी साल फरवरी 2026 में दोनों ने अपने-अपने परिवारों की रजामंदी से पटना में धूमधाम से शादी कर ली। शादी के बाद दोनों अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने के लिए हैदराबाद लौट आए और मियापुर के एक आलीशान अपार्टमेंट में रहने लगे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि पांच साल का लंबा प्रेम संबंध और महज दो महीने का वैवाहिक जीवन इस कदर खौफनाक मोड़ पर आकर खत्म होगा।

घटना के बाद मृतका के परिवार वालों ने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए मियापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का कहना है कि शादी के कुछ ही हफ्तों बाद पति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया था। वह लगातार और अधिक दहेज की मांग को लेकर महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा था। आरोप है कि पति ने हाल ही में एक स्टार्ट-अप कंपनी शुरू की थी और वह अपनी इस फर्म को खड़ा करने के लिए पत्नी के मायके वालों पर मोटी रकम निवेश करने का दबाव बना रहा था। जब महिला ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इस मांग का विरोध किया, तो उत्पीड़न का दौर और तेज हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के हफ्तों में दोनों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया था कि घर के भीतर का माहौल पूरी तरह अशांत हो चुका था।

जांच अधिकारी ने मीडिया को बताया कि शुरुआती साक्ष्यों और परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि महिला इस निरंतर हो रहे मानसिक शोषण और 'बिजनेस इन्वेस्टमेंट' के नाम पर की जा रही अवैध मांग को बर्दाश्त नहीं कर सकी। बुधवार की सुबह जब पति घर में ही मौजूद था या कुछ देर के लिए बाहर गया था, तभी महिला ने हॉल में लगे पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने मौके से कुछ डिजिटल साक्ष्य और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से ठीक पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी। पुलिस का मानना है कि एक सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के बावजूद महिला का इस तरह टूट जाना यह दर्शाता है कि उसके ऊपर बनाया गया मनोवैज्ञानिक दबाव अत्यंत तीव्र था।

परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मियापुर पुलिस के अनुसार, आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है और उसके स्टार्ट-अप से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि निवेश के दबाव वाले दावों की पुष्टि की जा सके। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और अन्य शारीरिक चोटों की जानकारी मिल सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या उच्च शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता भी महिलाओं को सदियों पुरानी सामाजिक बुराइयों से सुरक्षा दिलाने में विफल साबित हो रही है।

सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। लोग हैरान हैं कि जो जोड़ा पांच साल तक बिना किसी विवाद के लिव-इन में रहा, उनके बीच शादी के महज 60 दिनों में ऐसा क्या बदल गया कि बात मौत तक पहुँच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार शादी के बाद 'मालिकाना हक' की भावना और आर्थिक लालच रिश्तों पर हावी हो जाता है, जैसा कि इस मामले में स्टार्ट-अप में निवेश के दबाव के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बिहार की इस बेटी को न्याय दिलाने के लिए मामले की फास्ट ट्रैक जांच की जाएगी। हैदराबाद में रह रहे प्रवासी समुदाय ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कार्यस्थलों व रिहायशी इलाकों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परामर्श केंद्रों की आवश्यकता पर जोर दिया है। पुलिस अब इस मामले में मृतका के कार्यालय के सहयोगियों के भी बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है ताकि उसके हालिया व्यवहार और मानसिक स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी मिल सके। यह घटना उन सभी के लिए एक चेतावनी है जो रिश्तों में प्यार से ज्यादा पैसों को तरजीह देते हैं।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-