कुशीनगर से ISIS संदिग्ध रिजवान गिरफ्तार मामले में पिता का बड़ा बयान-दोषी है तो मिले कड़ी सजा

कुशीनगर से ISIS संदिग्ध रिजवान गिरफ्तार मामले में पिता का बड़ा बयान-दोषी है तो मिले कड़ी सजा

प्रेषित समय :17:49:05 PM / Sun, Apr 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कुशीनगर. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए ISIS से जुड़े संदिग्ध युवक रिजवान को गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई शनिवार देर रात उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त टीम द्वारा की गई. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ जारी है. इस पूरे मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है.

बताया जा रहा है कि रिजवान का नाम पहले भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है. जांच एजेंसियों के अनुसार, हाल के दिनों में उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. विशेष रूप से उसके द्वारा किए गए अंतरराष्ट्रीय कॉल्स ने एजेंसियों का ध्यान खींचा, जिसके बाद उसकी निगरानी बढ़ाई गई और पुख्ता जानकारी मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, रिजवान के खिलाफ Explosive Substances Act की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है. एजेंसियों को शक है कि वह विस्फोटक पदार्थों से जुड़े मामलों में संलिप्त हो सकता है या इस दिशा में गतिविधियां चला रहा था. फिलहाल जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और उससे जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है.

गिरफ्तारी के बाद सबसे अहम प्रतिक्रिया उसके पिता निजामुद्दीन की सामने आई है, जिन्होंने कानून के प्रति सम्मान जताते हुए स्पष्ट कहा कि अगर उनका बेटा दोषी पाया जाता है, तो उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वे देश के कानून और संविधान में विश्वास रखते हैं और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि का समर्थन नहीं करते. उनका यह बयान सामाजिक रूप से भी चर्चा का विषय बना हुआ है.

जांच में यह भी सामने आया है कि रिजवान पहले वर्ष 2016 में भी एजेंसियों के रडार पर आया था, जब महाराष्ट्र एटीएस ने उसे ISIS से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था. इसके बाद वह एक विस्फोट मामले में 2017 से 2023 तक दिल्ली की जेल में बंद रहा. जेल से रिहा होने के बाद उसने अपनी पहचान छिपाते हुए सामान्य जीवन जीने की कोशिश की.

सूत्रों के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद रिजवान ने कुशीनगर में एक फास्ट फूड की दुकान शुरू की थी. हालांकि जांच एजेंसियों को शक है कि यह केवल एक आवरण हो सकता है और इसके पीछे वह अपने नेटवर्क को सक्रिय रखने या नए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा था.

फिलहाल दिल्ली पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां उससे जुड़े नेटवर्क, संभावित फंडिंग स्रोत और उसके संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा था या अकेले ही गतिविधियां संचालित कर रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-