भोपाल. मध्य प्रदेश में सड़क और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मध्य प्रदेश के इटारसी-बैतूल सेक्शन में स्थित 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को अब फोरलेन हाईवे में बदला जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 758 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को लेकर मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह फोरलेन हाईवे इटारसी-बैतूल क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देगा।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट न सिर्फ सड़क संपर्क को बेहतर बनाएगा, बल्कि क्षेत्र में विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा देगा। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही व्यापार और परिवहन गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
यह टाइगर कॉरिडोर रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह बैतूल को आगे नागपुर से जोड़ता है। इस कनेक्टिविटी के मजबूत होने से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सड़क मार्ग और अधिक सुगम हो जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि यह इलाका कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से काफी समृद्ध है। यहां कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और लेड-जिंक जैसे खनिज पाए जाते हैं। फोरलेन सड़क बनने से इन संसाधनों के परिवहन में आसानी होगी और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में कम समय लगेगा।
इस परियोजना की एक खास बात यह भी है कि इसमें वन्यजीवों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। हाईवे निर्माण के दौरान 11 अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे, ताकि जंगली जानवर सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें। इससे सड़क दुर्घटनाओं और वन्यजीवों की मौत के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
बताया गया है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ग्वालियर से बैतूल तक का पूरा कॉरिडोर फोरलेन हो जाएगा। इससे यात्रा समय में कमी आएगी, खासकर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, रतापानी अभयारण्य और माधव नेशनल पार्क जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलेगा।
मध्य प्रदेश में यह टाइगर कॉरिडोर परियोजना विकास, कनेक्टिविटी और पर्यावरण संरक्षण का एक संतुलित उदाहरण बनकर उभर रही है, जिससे आने वाले समय में पूरे क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलने की संभावना है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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