नेपाल की थमी रफ्तार, ईंधन का संकट गहराया, अब हफ्ते में दो दिन बंद रहेंगे दफ्तर, भारत से सप्लाई के प्रयास

नेपाल की थमी रफ्तार, ईंधन का संकट गहराया, अब हफ्ते में दो दिन बंद रहेंगे दफ्तर, भारत से सप्लाई के प्रयास

प्रेषित समय :17:43:04 PM / Sun, Apr 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

काठमांडू. ईरान से जुड़े युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम सप्लाई प्रभावित हो रही है और इसका असर अब दक्षिण एशिया के देशों पर भी दिखाई देने लगा है. इसी कड़ी में नेपाल सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी दफ्तरों के लिए दो दिन की साप्ताहिक छुट्टी लागू करने की घोषणा की है. सरकार का कहना है कि पेट्रोलियम उत्पादों की कमी और सप्लाई में रुकावट की वजह से यह कदम उठाना पड़ा है.

अब शनिवार और रविवार दोनों दिन छुट्टी

नेपाल में पहले सरकारी दफ्तरों में केवल शनिवार को साप्ताहिक अवकाश होता था. लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब शनिवार और रविवार दोनों दिन सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे. सरकार की प्रवक्ता सस्मिता पोखरेल ने जानकारी देते हुए कहा कि पेट्रोलियम आपूर्ति में आई दिक्कतों के कारण यह फैसला लिया गया है. नई व्यवस्था सोमवार से लागू कर दी जाएगी.

सरकारी दफ्तरों का समय भी बदला

सरकार ने सिर्फ छुट्टी के नियम ही नहीं बदले, बल्कि सरकारी कार्यालयों के कामकाज का समय भी बदल दिया है. अब सरकारी दफ्तर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे. इससे पहले नेपाल में सरकारी कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलते थे. यानी अब कामकाज एक घंटा पहले शुरू होगा.

स्कूल-कॉलेज भी रहेंगे दो दिन बंद

सरकार की ओर से यह भी साफ किया गया है कि सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों में शनिवार और रविवार दोनों दिन छुट्टी रहेगी. हालांकि 9 बजे से 5 बजे तक का नया कार्य समय सिर्फ सरकारी कार्यालयों पर लागू होगा. स्कूल और कॉलेज अपने अलग शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुसार काम करेंगे.

विमान ईंधन की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी

पेट्रोलियम संकट का असर सिर्फ सरकारी कामकाज पर ही नहीं, बल्कि हवाई यात्रा पर भी पड़ा है. सरकारी कंपनी नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है.

भारत से सप्लाई बनाए रखने की कोशिश

नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने बताया कि यह बढ़ोतरी इसलिए की गई है ताकि भारत की इंडियन आयल कारपोरेशन को समय पर भुगतान किया जा सके और ईंधन सप्लाई में और ज्यादा रुकावट न आए. नेपाल अपनी पेट्रोलियम जरूरतों का बड़ा हिस्सा भारत से आयात करता है, इसलिए सप्लाई चेन में जरा सी दिक्कत भी देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.

सरकार ने कहा- हालात को संभालने के लिए जरूरी कदम

नेपाल सरकार का कहना है कि यह फैसला अस्थायी रूप से लिया गया है ताकि ईंधन की खपत को नियंत्रित किया जा सके और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले समय में और भी कड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-