इंदौर नगर निगम में वंदे मातरम पर भारी घमासान, पार्षद फौजिया के बयान से मचा हड़कंप, रूबिना खान की चुनौती के बाद सदन में हंगामा

इंदौर नगर निगम में वंदे मातरम पर भारी घमासान, पार्षद फौजिया के बयान से मचा हड़कंप, रूबिना खान की चुनौती के बाद सदन में हंगामा

प्रेषित समय :18:42:47 PM / Wed, Apr 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर. नगर निगम में बजट सत्र के दौरान वंदे मातरम गीत को लेकर आज एक बार फिर भारी हंगामा और राजनीतिक घमासान देखने को मिला. आठ हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश होने के बाद, जब सदन में चर्चा शुरू हुई, तो विकास के मुद्दों के बजाय राष्ट्रगीत को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और गतिरोध पैदा हो गया. यह विवाद उस समय और गहरा गया जब कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया और इस पर अपनी सफाई दी.

पार्षद फौजिया शेख अलीम ने सदन में मचे हंगामे के बीच स्पष्ट किया कि वे वंदे मातरम नहीं गा सकतीं क्योंकि इस्लाम धर्म में इसकी इजाजत नहीं है. उन्होंने कहा कि संविधान उन्हें अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने की स्वतंत्रता देता है और किसी को भी उन्हें यह गीत गाने के लिए मजबूर करने का संवैधानिक अधिकार नहीं है. फौजिया ने तर्क दिया कि सदन में जो कुछ भी हुआ, वह उचित नहीं था और उनके व्यक्तिगत धार्मिक विश्वासों का सम्मान किया जाना चाहिए.

पार्षद फौजिया के इस बयान पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कड़ी आपत्ति जताई और उनकी मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. महापौर ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी कुछ लोग "गुलामी की मानसिकता" से ग्रस्त हैं और राष्ट्रगीत का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्षद फौजिया जानबूझकर सदन की कार्यवाही में देरी से पहुंचीं ताकि उन्हें वंदे मातरम के गायन में शामिल न होना पड़े. महापौर ने सख्त लहजे में कहा कि इस पूरे मामले में पार्षद की सदस्यता से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा और पार्टी और प्रशासन स्तर पर आवश्यक अनुशासनात्मक और कानूनी कदम उठाने पर चर्चा की जाएगी.

विवाद को बढ़ता देख नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के प्रति पूरी निष्ठा और ईमानदारी से प्रतिबद्ध है. चौकसे ने स्पष्ट किया कि "वंदे मातरम और जन गण मन कांग्रेस के लिए सर्वोच्च हैं." उन्होंने कहा कि यह किसी सदस्य की व्यक्तिगत राय हो सकती है, लेकिन पार्टी सामूहिक रूप से राष्ट्रीय प्रतीकों का पूर्ण सम्मान करती है. उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को अवगत करा दिया गया है और आगे का निर्णय पार्टी स्तर पर लिया जाएगा.

हंगामे के बीच, पार्षद रूबिना खान के एक कथित बयान ने विवाद में घी डालने का काम किया, जिससे सदन का माहौल अत्यंत तनावपूर्ण हो गया. भोजनावकाश के बाद जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो नेता प्रतिपक्ष ने प्रश्नोत्तरकाल का समय बढ़ाने की मांग की. हालांकि, भाजपा पार्षदों ने पिछले दिन दर्शक दीर्घा में हुए हंगामे को लेकर नेता प्रतिपक्ष से माफी मांगने की मांग पर अड़ गए. सभापति ने भी कहा कि मंगलवार को सदन में अप्रिय घटना हो सकती थी, इसलिए नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए. इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस और हंगामा चलता रहा.

तमाम हंगामे और गतिरोध के बावजूद, सदन की कार्यवाही जारी रही और अंततः बहुमत के आधार पर नगर निगम के बजट को मंजूरी दे दी गई. इसके तुरंत बाद सभापति ने सम्मेलन समाप्ति की घोषणा कर दी. बजट सत्र भले ही संपन्न हो गया हो, लेकिन वंदे मातरम और पार्षदों के बयानों को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक और धार्मिक विवाद इंदौर की राजनीति में अभी थमता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और चर्चा और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है.