बैसाखी स्पेशल घर पर बनाएं पौष्टिक सरसों दा साग स्वाद के साथ सेहत का दमदार डोज

बैसाखी स्पेशल घर पर बनाएं पौष्टिक सरसों दा साग स्वाद के साथ सेहत का दमदार डोज

प्रेषित समय :21:58:35 PM / Thu, Apr 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बैसाखी का त्योहार आते ही पंजाब की रसोई में पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू फैलने लगती है. खेतों में लहराती फसल, पीले सरसों के फूल और खुशियों से भरा माहौल इस पर्व को खास बनाता है. ऐसे में सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक डिश के रूप में सरसों दा साग हर घर में तैयार किया जाता है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना माना जाता है.

सरसों दा साग केवल एक डिश नहीं, बल्कि पंजाब की संस्कृति और खेती से जुड़ी परंपरा का हिस्सा है. इसे खासतौर पर बैसाखी के मौके पर बनाया जाता है, जब नई फसल की खुशी मनाई जाती है. यह व्यंजन सरसों के पत्तों, पालक और बथुआ जैसी हरी सब्जियों से तैयार होता है, जो इसे पौष्टिक और संतुलित बनाते हैं.

इस डिश का स्वाद हल्का तीखा, मिट्टी जैसा और थोड़ा क्रीमी होता है. सरसों के पत्ते इसे गाढ़ा और मजबूत फ्लेवर देते हैं, जबकि पालक और बथुआ इसकी बनावट को मुलायम बनाते हैं. इसमें डाला गया अदरक, लहसुन और हरी मिर्च इसे एक अलग ताजगी और खुशबू देते हैं. पारंपरिक रूप से इसे मक्की की रोटी, प्याज और सफेद मक्खन के साथ परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को और बढ़ा देता है.

पोषण के लिहाज से भी यह डिश बेहद फायदेमंद मानी जाती है. सरसों के पत्तों में आयरन, कैल्शियम, विटामिन C और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है. पालक इसमें आयरन की मात्रा बढ़ाता है, जबकि बथुआ फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. अदरक और लहसुन पाचन को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं और शरीर को हल्का महसूस कराते हैं.

घर पर इसे बनाना भी काफी आसान है. सबसे पहले सरसों, पालक और बथुआ के पत्तों को अच्छी तरह धोकर काट लिया जाता है. इसके बाद इन्हें प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च के साथ कुकर में डालकर पकाया जाता है. कुछ सीटी आने के बाद यह मिश्रण नरम हो जाता है, जिसे ठंडा करके हल्का दरदरा पीस लिया जाता है.

इसके बाद इसमें मक्के का आटा मिलाकर अच्छे से मिक्स किया जाता है, जिससे साग को सही गाढ़ापन मिलता है. एक कढ़ाही में थोड़ा घी या तेल गर्म करके उसमें जीरा डाला जाता है और फिर तैयार साग को उसमें डालकर धीमी आंच पर कुछ मिनट तक पकाया जाता है. इस दौरान इसे लगातार चलाना जरूरी होता है ताकि यह नीचे चिपके नहीं.

अगर आप इसे थोड़ा हेल्दी बनाना चाहते हैं तो घी की मात्रा कम कर सकते हैं और मक्खन की जगह दही या लो-फैट बटर का इस्तेमाल कर सकते हैं. ज्यादा पालक डालने से साग और स्मूद बनता है, जबकि स्वाद में ज्यादा बदलाव नहीं आता.

 सामग्री
अगर आप असली पंजाबी स्वाद चाहते हैं, तो सबसे पहले ये सारी चीज़ें तैयार रखें:

2 कप सरसों के पत्ते (कटे हुए)
1 कप पालक (कटा हुआ)
1 कप बथुआ (कटा हुआ)
1 प्याज (बारीक कटा हुआ)
2 टमाटर (कटे हुए)
1 इंच अदरक (कटा हुआ)
4 लहसुन की कलियां
2 हरी मिर्च
1 बड़ा चम्मच मक्के का आटा
1 बड़ा चम्मच घी या तेल
½ छोटा चम्मच जीरा
नमक स्वादानुसार
2 कप पानी

बनाने की विधि 
Step 1: हरी सब्जियों की तैयारी
सबसे पहले सरसों, पालक और बथुआ को अच्छे से धो लें ताकि कोई मिट्टी या गंदगी ना रह जाए. फिर इन्हें मोटा-मोटा काट लें. यही साग का बेस फ्लेवर देगा.

Step 2: कुकर में पकाना
अब एक प्रेशर कुकर लें और उसमें सभी हरी सब्जियां डाल दें. साथ में प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, नमक और पानी डालें.
इसे मीडियम आंच पर 3–4 सीटी आने तक पकाएं, जब तक सब कुछ नरम न हो जाए.

Step 3: साग को पीसना
कुकर ठंडा होने दें, फिर इस मिक्सचर को मिक्सी या मथनी से हल्का दरदरा पीस लें. ध्यान रखें—इसे पूरी तरह स्मूद नहीं करना है, थोड़ा टेक्सचर ही असली स्वाद देता है.

Step 4: गाढ़ापन लाना
अब इसमें 1 बड़ा चम्मच मक्के का आटा डालकर अच्छे से मिक्स करें. इससे साग को सही कंसिस्टेंसी मिलेगी.

Step 5: तड़का तैयार करना
एक कढ़ाही में घी या तेल गर्म करें. उसमें जीरा डालें और हल्का चटकने दें. यही तड़का साग की खुशबू बढ़ा देगा.

Step 6: साग को पकाना
अब पीसा हुआ साग कढ़ाही में डाल दें. इसे धीमी आंच पर 5–7 मिनट तक पकाएं. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि साग नीचे न लगे और अच्छी तरह गाढ़ा हो जाए.

Step 7: सर्व करने का सही तरीका
गरमा-गरम साग तैयार है! इसे मक्की की रोटी, ऊपर से सफेद मक्खन, साथ में कटी प्याज और नींबू के साथ सर्व करें.

 टिप्स 
ज्यादा क्रीमी टेक्सचर के लिए थोड़ा और पालक डाल सकते हैं
हेल्दी वर्जन के लिए घी कम और तेल या बिना तड़के भी बना सकते हैं
देसी फ्लेवर के लिए अंत में थोड़ा मक्खन डालना न भूलें

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-