मुंबई. एक खास कार्यक्रम के दौरान भारतीय क्रिकेट के दिग्गज Anil Kumble ने 15 वर्षीय उभरते बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की और संकेत दिए कि यह युवा खिलाड़ी जल्द ही भारतीय टीम के लिए खेलता हुआ नजर आ सकता है. क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित इस पैनल चर्चा में कुंबले ने कहा कि चयनकर्ताओं की नजर इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी पर जरूर बनी हुई है और उसके प्रदर्शन को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है.
कुंबले ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिस तरह से वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है. उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर का प्रदर्शन करना अपने आप में बेहद खास है और यही वजह है कि क्रिकेट जगत में उनकी चर्चा तेजी से बढ़ रही है. हालांकि, कुंबले ने यह भी माना कि इतनी कम उम्र में जब किसी खिलाड़ी को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई जाती हैं, तो उस पर दबाव भी उतना ही बढ़ जाता है.
पूर्व भारतीय कप्तान ने इस दबाव को समझते हुए कहा कि सूर्यवंशी के पास समय की कोई कमी नहीं है. उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वह 10 साल बाद भी खेलते हैं, तो उनकी उम्र केवल 25 वर्ष होगी, जो क्रिकेट के लिहाज से एक बेहतरीन दौर माना जाता है. इस बयान से साफ है कि कुंबले युवा खिलाड़ी के करियर को लेकर दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दे रहे हैं.
कुंबले ने सूर्यवंशी की तुलना महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar के शुरुआती दिनों से भी की. उन्होंने कहा कि क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं जहां खिलाड़ियों ने बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा और अपनी प्रतिभा से दुनिया को प्रभावित किया. सचिन तेंदुलकर भी उनमें से एक रहे हैं, जिन्होंने किशोरावस्था में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया और आगे चलकर महानता की मिसाल बने.
उन्होंने यह भी कहा कि हर खिलाड़ी का करियर अलग होता है. कुछ खिलाड़ी 15-16 साल की उम्र में ही बड़े मंच पर पहुंच जाते हैं, जबकि कुछ को 25-28 साल की उम्र तक इंतजार करना पड़ता है. कुंबले के अनुसार, सूर्यवंशी का मामला ऐसा लग रहा है जहां वह बहुत जल्दी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि उनका विकास सही दिशा में हो और उन्हें जल्दबाजी में किसी दबाव में न डाला जाए.
कार्यक्रम के दौरान कुंबले ने भारतीय क्रिकेट के ढांचे में आए बदलावों पर भी चर्चा की. उन्होंने बताया कि पहले इंटर-यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट्स खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच हुआ करते थे, जहां से कई बड़े खिलाड़ी निकलकर सामने आए. लेकिन अब समय बदल गया है और उस जगह को अंडर-19 क्रिकेट और इंडिया ए टूर ने ले लिया है.
कुंबले ने यह भी कहा कि आज के समय में अगर कोई 15 साल का खिलाड़ी दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ रन बना रहा है, तो उसे पढ़ाई के लिए यूनिवर्सिटी भेजना एक चुनौती बन जाता है. ऐसे में क्रिकेट बोर्ड और सिस्टम को इस तरह तैयार करना होगा कि खिलाड़ी की शिक्षा और खेल दोनों में संतुलन बना रहे.
इस चर्चा के दौरान उन्होंने भविष्य की संभावनाओं पर भी बात की और उम्मीद जताई कि अगर 2036 ओलंपिक भारत में होते हैं, तो इससे खेलों को एक नई दिशा मिलेगी. उन्होंने कहा कि देश में नए खेल आइकन बनने जरूरी हैं, ताकि युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके, जैसा कि क्रिकेट में देखने को मिलता है.
वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है. इतनी कम उम्र में उनकी बल्लेबाजी तकनीक, आत्मविश्वास और बड़े शॉट खेलने की क्षमता उन्हें खास बनाती है. अगर उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहता है, तो वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं.
फिलहाल चयनकर्ताओं की नजर उन पर टिकी हुई है और यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें कब और कैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका मिलता है. लेकिन एक बात साफ है कि Anil Kumble जैसे दिग्गज का समर्थन किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी बात होती है और इससे उसका आत्मविश्वास निश्चित रूप से बढ़ता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

