टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले Heinrich Klaasen की फॉर्म को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, उनकी पारी की शुरुआत में खेलने की रफ्तार यानी शुरुआती स्ट्राइक रेट में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, जिसने उनके प्रदर्शन को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
क्रिकविज के आंकड़ों के अनुसार, क्लासेन का पहले 10 गेंदों में स्ट्राइक रेट 2023 के बाद से लगातार गिरता जा रहा है. साल 2023 में जहां उनका शुरुआती स्ट्राइक रेट 153 था, वहीं 2024 में यह घटकर 135 हो गया. इसके बाद 2025 में यह और गिरकर 115 पहुंचा और अब 2026 में यह आंकड़ा सिर्फ 105 रह गया है. यह गिरावट इस बात का संकेत है कि क्लासेन अब पहले की तरह आक्रामक शुरुआत नहीं कर पा रहे हैं, जबकि उनकी पहचान ही तेज शुरुआत और बड़े शॉट्स खेलने की रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उनकी बल्लेबाजी के दृष्टिकोण में बदलाव या दबाव का परिणाम हो सकता है. पहले क्लासेन क्रीज पर आते ही गेंदबाजों पर हमला बोल देते थे, लेकिन अब वह शुरुआत में ज्यादा समय लेने लगे हैं, जिससे टीम की रन गति पर असर पड़ सकता है.
आईपीएल 2026 में भी यह गिरावट साफ तौर पर देखने को मिली. Sunrisers Hyderabad की ओर से खेलते हुए क्लासेन ने Punjab Kings के खिलाफ मैच में धीमी पारी खेली. उन्होंने एक छक्का लगाने के लिए 28 गेंदों का इंतजार किया, जो उनके आईपीएल करियर की सबसे धीमी शुरुआतों में से एक रही. इससे पहले भी इस सीजन में वह Kolkata Knight Riders के खिलाफ 29 गेंदों के बाद पहला छक्का लगा पाए थे.
इस मैच में क्लासेन ने 39 रन बनाए, लेकिन उनकी स्ट्राइक रेट 118.18 रही, जो उनके मानकों के हिसाब से काफी कम मानी जा रही है. आंकड़ों के अनुसार, उनकी पिछली 15 पारियों (जहां उन्होंने कम से कम 20 गेंदें खेलीं) में उनका औसत स्ट्राइक रेट 181.53 रहा है. ऐसे में मौजूदा प्रदर्शन उनके सामान्य स्तर से काफी नीचे माना जा रहा है.
हालांकि, इस मैच में उनकी टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 20 ओवर में 219 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. टीम की इस मजबूत स्थिति की नींव ओपनर्स ने रखी. Abhishek Sharma और Travis Head की जोड़ी ने पावरप्ले में ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया.
दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 6 ओवर में टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया. अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया और 28 गेंदों पर 74 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें पांच चौके और आठ छक्के शामिल थे. वहीं ट्रैविस हेड ने भी 23 गेंदों पर 38 रन बनाकर अहम योगदान दिया.
पावरप्ले के बाद Punjab Kings ने वापसी करने की कोशिश की. शशांक सिंह ने लगातार दो विकेट लेकर मैच में रोमांच बढ़ाया और दोनों ओपनर्स को पवेलियन भेजा. इसके बावजूद हैदराबाद की टीम ने अपनी रन गति बनाए रखी और 10 ओवर में 132 रन तक पहुंच गई.
मध्यक्रम में कप्तान ईशान किशन ने 17 गेंदों पर 27 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन 14वें ओवर में वह भी आउट हो गए. इसके बाद अंतिम ओवरों में पंजाब के गेंदबाजों ने कुछ हद तक वापसी की और नियमित अंतराल पर विकेट गिराए.
अंतिम चरण में क्लासेन समेत अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके, जिससे टीम की रन गति थोड़ी धीमी हुई. अनिकेत वर्मा, सलील अरोड़ा और क्लासेन सभी अच्छी शुरुआत के बावजूद उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए.
गेंदबाजी की बात करें तो पंजाब की ओर से अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट और शशांक सिंह ने विकेट हासिल किए, लेकिन शुरुआती ओवरों में हुई मार की वजह से टीम पर दबाव बना रहा.
इस मैच में सनराइजर्स हैदराबाद की जीत की नींव उनकी तेज शुरुआत में ही रखी गई थी, जबकि क्लासेन की धीमी पारी चर्चा का विषय बन गई.
अब सवाल यह है कि क्या क्लासेन अपनी पुरानी आक्रामक शैली में वापसी कर पाएंगे या फिर उनकी बल्लेबाजी में आया यह बदलाव आगे भी जारी रहेगा. आने वाले मैचों में उनका प्रदर्शन इस सवाल का जवाब देगा, लेकिन फिलहाल उनके गिरते शुरुआती स्ट्राइक रेट ने टीम प्रबंधन और फैंस दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

