छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी तेज, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में बनेगी कमेटी

छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी तेज, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में बनेगी कमेटी

प्रेषित समय :22:30:10 PM / Wed, Apr 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

छत्तीसगढ़ सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश Ranjana Prakash Desai करेंगी। राज्य कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने की।

सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री को इस समिति के अन्य सदस्यों की नियुक्ति का अधिकार भी दिया गया है। यह समिति राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की संभावनाओं पर अध्ययन करेगी और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे का मसौदा तैयार कर कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा, जिसे मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है।

राज्य सरकार का मानना है कि वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक विवाद जैसे मामलों में अलग-अलग धर्मों के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं। इससे न्याय प्रक्रिया में असमानता और जटिलता बढ़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में यह पहल की गई है।

संविधान के Article 44 of the Constitution of India में भी राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई है। हालांकि, यह मुद्दा लंबे समय से देश में संवेदनशील और बहस का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह विभिन्न धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों से जुड़ा है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि समिति नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेगी। इसके लिए एक वेब पोर्टल भी शुरू किया जा सकता है, जहां लोग अपनी राय दे सकेंगे। इन सभी सुझावों के आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर हाल के समय में कई राज्यों ने पहल की है। Uttarakhand इस दिशा में कानून बनाने वाला पहला राज्य बन चुका है, जबकि Gujarat ने भी हाल ही में इसी तरह का कदम उठाया है। इसके अलावा Madhya Pradesh सरकार ने भी यूसीसी को लेकर समिति बनाने की घोषणा की है।

विशेष बात यह है कि रंजना प्रकाश देसाई इससे पहले उत्तराखंड और गुजरात में यूसीसी से जुड़ी समितियों का नेतृत्व कर चुकी हैं, जिससे इस क्षेत्र में उनका अनुभव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड को भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख वैचारिक एजेंडा में शामिल किया जाता रहा है। केंद्र में 2014 से सत्ता में आने के बाद पार्टी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और Article 370 of the Constitution of India हटाने जैसे बड़े फैसले पूरे किए हैं, जबकि यूसीसी अब भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल को देश में यूसीसी लागू करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में समिति की रिपोर्ट और उस पर होने वाले निर्णयों से इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-