चित्रकूट एक्सप्रेस में जबलपुर के यात्री के 25 लाख की चोरी, मामा-भांजा गिरोह के 2 गिरफ्तार

चित्रकूट एक्सप्रेस में जबलपुर के यात्री के 25 लाख की चोरी, मामा-भांजा गिरोह के 2 गिरफ्तार

प्रेषित समय :16:12:25 PM / Wed, Apr 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर/बांदा. जबलपुर से लखनऊ जाने वाली चित्रकूट एक्सप्रेस में एसी-2 से एक यात्री का 25 लाख रुपए की ज्वैलरी व नगदी चोरी के मामले का खुलासा जीआरपी ने करते हुए शातिर मामा-भांजा गिरोह के दो गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरोह का एक सदस्य अभी फरार है. पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है. जीआरपी को जबलपुर से बांदा तक के बीच के स्टेशनों के लगभग 1 हजार सीसीटीवी फुटेज चैक किये, तब इस अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हो सका.

जीआरपी बांदा के सीओ सलीम खान ने बताया कि 31 मार्च को जबलपुर से लखनऊ जा रही चित्रकूट एक्सप्रेस (15206) के एसी द्वितीय कोच में यात्रा कर रहे अनुराग जैन का बैग बांदा के पास चोरी हो गया था. बैग में करीब 25 लाख रुपये की ज्वैलरी और नगदी थी. मामला दर्ज होने के बाद जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की. जांच के दौरान आईओडब्ल्यू कार्यालय बांदा के पास से सुरेंद्र वर्मा (गीता नगर, काकादेव, कानपुर नगर) और उसके भांजे रवि वर्मा को गिरफ्तार किया गया. गिरोह में शामिल सुरेंद्र का भाई धर्मेंद्र कुमार फरार है.

रेकी करने के बाद करते थे चोरी

पुलिस के मुताबिक, आरोपी कानपुर में किराये का मकान लेकर रहते थे और फर्जी पहचान पत्रों के जरिए एसी द्वितीय कोच में आरक्षण कराकर यात्रा करते थे. कोच में रेकी कर मौका मिलने पर सामान चोरी कर बीच स्टेशन पर उतर जाते और सड़क मार्ग से फरार हो जाते थे. चोरी के बाद सोने को गलाकर बिस्कुट बना देते थे, जिससे पहचान छिपाई जा सके. गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार फर्जी वोटर आईडी, अग्रिम तिथियों के एसी कोच के आरक्षण टिकट और करीब 40 ग्राम सोना व 7500 रुपये बरामद हुए हैं.

एक हजार सीसीटीवी खंगालकर पकड़े गए आरोपी, कई अग्रिम टिकट भी जब्त

सीओ ने बताया कि घटना के बाद जबलपुर से बांदा तक करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. इसके जरिये आरोपियों की पहचान कर उनकी लोकेशन ट्रेस की गई. पुलिस ने आरोपियों के पास से 24,825 रुपये के अग्रिम तिथियों के टिकट बरामद किए हैं. गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था- एक गुर्गा सामान उठाता, दूसरा उसे लेता और तीसरा गेट पर खड़ा होकर उतरने का इंतजार करता था. इसके बाद तीनों अलग-अलग तरीके से बाहर निकलकर फरार हो जाते थे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-