यूपी के संभल में ईदगाह-इमामबाड़े को किया जमींदोज, भीड़ को अधिकारियों ने खदेड़ा, महिला बोली, मंदिरों पर एक्शन क्यों नहीं

यूपी के संभल में ईदगाह-इमामबाड़े को किया जमींदोज, भीड़ को अधिकारियों ने खदेड़ा, महिला बोली, मंदिरों पर एक्शन क्यों नहीं

प्रेषित समय :19:10:03 PM / Thu, Apr 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

संभल. उत्तर प्रदेश के संभल में ईदगाह और इमामबाड़े पर गुरुवार सुबह 8 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक बुलडोजर की कार्रवाई चली. इसमें ईदगाह और इमामबाड़ा गिरा दिया गया. इमामबाड़े को तोडऩे के लिए चार बुलडोजर लगे. मौके पर 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी तैनात रही.

इसी बीच, गांव के लोग मौके पर जुट गए, विरोध की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया. प्रशासन के मुताबिक, करीब 7 बीघा चारागाह की जमीन पर ईदगाह और खाद गड्ढे की भूमि पर इमामबाड़ा बनाया गया था. गांव वालों की शिकायत के बाद लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दायर की थी. 31 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर नोटिस अखबार में छपवाया गया था.

इसमें कहा गया था कि जो भी कब्जेदार हैं, वे सामने आएं. हालांकि, कोई भी सामने नहीं आया. एक ग्रामीण जुबैदा ने कहा कि यह कार्रवाई रुकनी चाहिए. यहां इमामबाड़े और ईदगाह से सभी को सुविधा मिलती थी. गरीबों की बारातें भी यहीं रुकती थीं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकारी जमीन पर निर्माण का मामला है, तो मंदिर भी तो सरकारी जमीन पर बने हैं. लेकिन, कार्रवाई सिर्फ मस्जिदों पर हो रही है.  आज सुबह करीब 7.30 बजे एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वहां कुछ लोग छेनी-हथौड़ी से इमामबाड़ा तोड़ रहे थे. प्रशासन ने उन्हें हटा दिया. मामला कोतवाली संभल क्षेत्र के बिछोली गांव का है.

ग्रामीणों ने कहा, प्रशासन ने निर्माण हटाने का समय नहीं दिया

ग्रामीण राहत जान ने बताया कि इस जगह पर साल में एक बार सार्वजनिक नमाज अदा की जाती थी और शादी-विवाह जैसे कार्यक्रम भी होते थे. इसे बनाने में जो पैसा लगा था, वह अब बर्बाद हो जाएगा. उन्होंने कहा कि रात में प्रधान ने अचानक जानकारी दी कि सुबह प्रशासन बुलडोजर लेकर कार्रवाई करेगा. इसके बाद लोग खुद ही निर्माण हटाने लगे थे, लेकिन प्रशासन की टीम के पहुंचते ही उन्हें रोक दिया गया. राहत जान का आरोप है कि प्रशासन ने निर्माण हटाने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं दिया.

डीएम बोले- बुलडोजर का खर्च भी कब्जेदारों से वसूला जाएगा-

डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि शासन ने लैंड बैंक बनाने का आदेश दिया है, ताकि आम जनता के सार्वजनिक कार्यों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा सके. इसी क्रम में गुरुवार को तहसीलदार कोर्ट के निर्देश पर दो अलग-अलग सरकारी जमीनों से अवैध निर्माण हटाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अवैध कब्जेदारों को अपील के लिए जो समय दिया गया था, वह पूरा हो चुका है. इसके बाद बुलडोजर से कार्रवाई की जा रही है, जिसका खर्च भी अवैध कब्जेदारों से ही वसूला जाएगा.

महिला बोली, मस्जिद ही क्यों, सरकारी जमीन पर बने मंदिर भी गिराए-

ग्रामीण जुबैदा ने कहा कि यह कार्रवाई रुकनी चाहिए. यहां इमामबाड़े और ईदगाह से सभी को सुविधा मिलती थी. गरीबों की बारातें भी यहीं रुकती थीं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकारी जमीन पर निर्माण का मामला है, तो मंदिर भी तो सरकारी जमीन पर बने हैं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ मस्जिदों पर हो रही है. उन्होंने कहा कि जब कानून सबके लिए एक है, तो कार्रवाई मंदिरों पर भी होनी चाहिए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-