पीएम मोदी बोले, महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का जिसने विरोध किया, उसका बुरे से बुरा हाल हुआ है, कभी माफी भी नहीं मिली

पीएम मोदी बोले, महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का जिसने विरोध किया, उसका बुरे से बुरा हाल हुआ है, कभी माफी भी नहीं मिली

प्रेषित समय :18:48:10 PM / Thu, Apr 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि हमारे देश में जब जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है. उसका हाल बुरे से बुरा किया है. कभी माफी नहीं मिली.

उन्होंने कहा कि इसलिए जिनको भी इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद के परिणामों को देख लें. इसी में फायदा है जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे. इसलिए इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है. विपक्ष क्रेडिट ले सकता है. हमें चाहिए मैं सरकारी खर्चे पर विज्ञापन पर छपवा दूंगा. प्रियंका गांधी ने कहा कि वे (पीएम) कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए. मैं कहती हूं कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती है. सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे. बिलों पर चर्चा के लिए 16 और 17 अप्रैल को 15 घंटे का समय तय किया गया है. कल शाम 4 बजे वोटिंग की जाएगी. संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है.

पीएम की स्पीच की 4 बड़ी बातें, बोले- इसमें राजनीतिक लाभ नहीं-

मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं, यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा. अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा. फिर अलग पहलू हो जाता है. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं. सबकी फोटो छपवा देंगे. ले लो जी क्रेडिट. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं.

-जिसको भी गारंटी चाहिए, वो देता हूं, अगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं. तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूँ. क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है.

-काले कपड़े पहनकर आए लोग नजर का टीका: हमारे यहां परंपरा है कि अच्छे काम में किसी की नजर न लगे इसके लिए काला टीका लगाते हैं, इसलिए मैं आपका (डीएमके) धन्यवाद करता हूं. दरअसल, पीएम ने डीएमके का नाम लिए बिना जिक्र किया. डीएमके सांसद आज परिसीमन बिल का विरोध करने के लिए काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे थे.

-महिलाओं को हक देकर प्रायश्चित कर रहे-

हम भ्रम में न रहें, हम अहंकार में न रहें. यहां मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं. हम हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं. ये उनका हक है. और हमने कई दशकों से उनको रोका है. आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है.

शाह ने बताया, लोकसभा की 850 सीटों का आंकड़ा कैसे आया-

अमित शाह ने कहा, सरकार जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती. यह भी झूठ है. जनगणना दो हिस्सों में होती है पहले मकानों को इंगित किया जाता है. फिर रहवासियों से पूछा जाता है. अभी मकानों की कोई जातीय व्यवस्था नहीं है, इसलिए नहीं होती. 850 का आंकड़ा कहां से आया, मैं समझाता हूं. मानों 100 सीटें हैं जिसमें 33त्न आरक्षण देना है तो उसमें 50 सीटें बढ़ाते है तो सीटें 150 होती हैं. 850 राउंड ऑफ फिगर है. कल इसके बारे में डिटेल में बताऊंगा.

शाह ने कहा, साउथ के बारे में सरलता से बताउंगा, बस धैर्य से सुनें-

अमित शाह ने कहा, कुल मिलाकर साउथ में संसद की कुल 543 सीटों में 129 सांसद आते हैं. यह बढ़कर 195 सीटों का हो जाएगा. मतलब उनकी शक्ति कम नहीं हो रही, बल्कि बढ़ रही है. मैं जिम्मेदारी के साथ यह कह रहा हूं.

अमित शाह ने कहा- साउथ के राज्यों में सीटें कम नहीं होंगी-

अमित शाह ने कहा, 'पूरी चर्चा पर सभी सवालों का जवाब मैं कल दूंगा, लेकिन आज भी कुछ जवाब देने हैं, ताकि स्पष्टता बनी रहे. एक सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है कि ये जो 3 बिल हैं. वो आने से साउथ के राज्यों की क्षमता लोकसभा में कम हो जाएगी. मैं बिल जो सदन के सामने है. उसका प्रैक्टिकली बता रहा हूं.

प्रियंका ने पूछा- अभी 33त्न आरक्षण क्यों नहीं दे रहे-

प्रियंका गांधी ने कहा, 543 में से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं दे रहे. अगर पद खोने का डर नहीं तो कुछ लोग इसमें अपना पद खो दें. ताकि महिलाएं और ओबीसी वर्ग आ सके. ये आज ही कर दें, शुभ काम हो जाएगा काला टीका भी काम आ जाएगा. देश की महिलाओं के नाम पर देश के बुनियादी ढांचों से खिलवाड़ नहीं हो सकता. संसद को कमजोर करके सत्ता कायम रखने की साजिश हो रही है. यह आपकी हस्ती, पद और गरिमा के अनुकूल है.

प्रियंका गांधी ने कहा- चाणक्य आज जिंदा होते तो वो भी चौंक जाते,

प्रियंका गांधी ने कहा, पीएम के खोखले आश्वासनों के बावजूद संसद में राज्यों की मौजूदगी बदल जाएगी. जिस तरह असम में उन्होंने मनचाही सीटों को काटा, नई सीमाएं बनाएं उसी तरह यह देश में करेंगे. परिसीमन आयोग में सरकार द्वारा चुने गए तीन लोग देश के लोकतंत्र को खत्म करेंगे. अगर ये बिल पास होता है देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा. मौजूदा सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है. ये ओबीसी वर्ग का हक छीन रहे हैं, ताकि कुछ प्रदेशों की ताकत कम किया जा सके.'

प्रियंका गांधी ने कहा, पीएम किस बात से घबरा रहे-

प्रियंका गांधी ने कहा, अब क्यों मन बदल गया, इतनी जल्दबाजी क्यों. आज पीएम महोदय ने भले हल्के में बोल दिया कि इस वर्ग उस वर्ग को बाद में देख लेंगे. कौन सा वर्ग पिछड़ा वर्ग. हम इनकी मांग कर रहे हैं इन्हें अपना हक मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि पीएम किस बात से घबरा रहे हैं. इस बात से न कि जब नई जनगणना होगी तो ओबीसी के नए आंकड़ें निकलेंगे तो पता चलेगा कि यह वर्ग कितना मजबूत है.

प्रियंका गांधी ने कहा, राजनीति की बू घुली हुई-

प्रियंका गांधी ने कहा, सबसे पहले इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू हो, हम सहमत हैं. दूसरा है कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी. इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा. इसकी गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू घुली हुई है. 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है. उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी.

प्रियंका गांधी ने कहा- बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं-
प्रियंका गांधी ने कहा कि वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए. बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं. सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे. 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-