नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इससे पहले अक्टूबर में डीए को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58त्न किया गया था, जो 1 जुलाई 2025 से लागू हुआ था. बाद में इसका एरियर भी दिया गया था, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को फायदा मिला था.
केंद्र सरकार समय-समय पर अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनर्स की महंगाई राहत (डीएआर) बढ़ाती रहती है. आपको बता दें कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीएआर) साल में दो बार बढ़ाती है.
अब कितनी मिलेगी सैलरी?
मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है. अभी 58त्न डीए के हिसाब से उसे हर महीने 29,000 रुपये डीए मिल रहा है. अगर इसमें 2त्न की बढ़ोतरी होती है, तो डीए 60 प्रतिशत हो जाएगा और उसे 30,000 रुपये मिलने लगेंगे. यानी हर महीने 1,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी, साथ ही जनवरी से एरियर का भी फायदा मिलेगा.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कर्मचारी संगठनों की ओर से प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग में वेतन स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग की गई. नेशनल कौंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मैकेनिज्म ने अपने प्रस्ताव में 3.83 का फिटमेंट फैक्टर मांगा है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 69,000 रुपये तक हो सकती है. सरकार के इस फैसले से करीब 1.19 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा.
साल में दो बार बढ़ता है डीए
सरकार आमतौर पर साल में दो बार जनवरी और जुलाई के लिए डीए (महंगाई भत्ता) बढ़ाती है, और इसकी घोषणा अक्सर त्योहारों के समय जैसे होली या दिवाली के आसपास की जाती है. पिछले साल मार्च के अंत में डीए बढ़ोतरी की घोषणा हुई थी, जबकि जुलाई की बढ़ोतरी का ऐलान अक्टूबर में किया गया था.
इस साल कर्मचारियों को उम्मीद थी कि होली यानी मार्च की शुरुआत तक डीए बढ़ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसी वजह से यह मामला पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा देरी वाला भी माना जा रहा था, क्योंकि आमतौर पर सरकार मार्च के अंत तक डीए बढ़ोतरी की घोषणा कर देती है. हालांकि, एक्सपर्ट के अनुसार, यह देरी मुख्य रूप से प्रशासनिक प्रक्रियाओं और मंजूरी के अलग-अलग चरणों की वजह से हो रही थी.
सॉवरेन मेरिटाइम फंड को भी मंजूरी
कैबिनेट ने प्रस्ताव में परिवार की परिभाषा को बढ़ाकर आश्रित माता-पिता को भी शामिल करने की बात कही गई है. साथ ही वेतन में ज्यादा अंतर पर लिमिट तय करने, ज्यादा इंक्रीमेंट देने और महंगाई से जुड़े भत्तों को बढ़ाने का सुझाव दिया गया है. कैबिनेट ने 13,000 करोड़ रुपये के फंड के साथ एक सॉवरेन मेरिटाइम फंड को भी मंजूरी दी है. इसका मकसद भारतीय जहाजों के लिए सस्ता और स्थिर बीमा कवर उपलब्ध कराना है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को 2028 तक बढ़ा दिया गया है और इसके लिए 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी मंजूर किया गया है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

