जबलपुर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जबलपुर के नए मास्टर प्लान पर अगले 8 हफ्ते के अंदर आखिरी निर्णय लिया जाए. इस निर्देश के बाद अब सरकार को दो महीने के अंदर मास्टर प्लान को अंतिम रूप देना होगा. जिसके बाद उसका प्रकाशन करना होगा. जिसके बाद रुके रियल एस्टेट के प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी.
3 साल पहले खत्म हो चुकी मियाद
बिल्डर एसोसिएशन की याचिका में बताया गया है कि जबलपुर का मास्टर प्लान 2008 में लागू हुआ था, उसकी मियाद साल 2021 में ही खत्म हो चुकी है. साल 2014 में नगर निगम सीमा में 125 नए गांव शामिल किए गए, लेकिन एक दशक बाद भी कोई ठोस प्लानिंग तैयार नहीं की गई है.
पब्लिकेशन की वजह से प्रोजेक्ट्स को नहीं मिली मंजूरी
याचिकाकर्ता के वकील दिनेश उपाध्याय के मुताबिक, नया प्लान पब्लिश न होने के कारण बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी नहीं मिल पा रही है. जिस वजह से शहर में अवैध कॉलोनियों और निर्माणों की बाढ़ आ गई है, जिससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
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