जबलपुर. मध्य प्रदेश में रबी विपणन सत्र के दौरान अपनी मेहनत की फसल बेचने का इंतजार कर रहे लाखों किसानों के लिए सरकार ने एक बड़ी और राहत भरी सौगात दी है. किसानों की व्यापक मांग और उनकी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने गेहूं उपार्जन की स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया में महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की है. अब राज्य के किसान अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए आगामी 30 अप्रैल तक अपना स्लॉट बुक कर सकेंगे. सरकार का यह निर्णय इस बात को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि कोई भी पात्र किसान समय सीमा समाप्त होने के कारण अपनी फसल बेचने से वंचित न रह जाए.
इस फैसले के साथ ही उपार्जन केंद्रों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और तुलाई प्रक्रिया को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सरकार ने क्षमता विस्तार का भी निर्णय लिया है. अब तक प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर प्रतिदिन गेहूं की तुलाई के लिए 1,000 क्विंटल की सीमा निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 1,500 क्विंटल कर दिया गया है. यानी कि अब प्रत्येक केंद्र पर प्रतिदिन 500 क्विंटल अतिरिक्त गेहूं की आवक और तौल हो सकेगी. क्षमता में हुई इस 50 प्रतिशत की वृद्धि से केंद्रों पर किसानों के समय की बचत होगी और लंबी कतारों में लगने वाली भीड़ से उन्हें काफी हद तक निजात मिलेगी.
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह से केंद्रों की तौल क्षमता के अनुरूप ही संचालित किया जाएगा. सरकार के इस दोहरे निर्णय यानी स्लॉट बुकिंग की समय-सीमा बढ़ाना और तौल क्षमता में इजाफा करना, प्रदेश के उन किसानों के लिए एक बड़ी राहत है जो अपनी फसल की बिक्री को लेकर चिंतित थे. प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसान बिना किसी परेशानी के अपना गेहूं बेच सकें. इस बदलाव के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि उपार्जन की गति तेज होगी और निर्धारित समय के भीतर प्रदेश भर में सरकारी खरीद का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा.
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