गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा महंगा, क्लिक करते ही तीन बैंक खातों से डेढ़ लाख रुपए साफ

गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा महंगा, क्लिक करते ही तीन बैंक खातों से डेढ़ लाख रुपए साफ

प्रेषित समय :18:35:10 PM / Mon, Apr 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों के बीच ऑनलाइन सर्चिंग को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। यहां एक व्यक्ति को गूगल पर डॉक्टर का नंबर खोजना भारी पड़ गया और महज एक लिंक पर क्लिक करते ही उसके तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल डेढ़ लाख रुपए निकाल लिए गए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और साइबर टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, शहर के भूकम्प बस्ती स्थित बजरंग नगर करमेता निवासी सुशील कुमार सोनी अपने मिर्गी के इलाज के लिए एक अच्छे डॉक्टर की तलाश कर रहे थे। इसी सिलसिले में उन्होंने गूगल पर नागपुर के किसी विशेषज्ञ डॉक्टर का मोबाइल नंबर खोजा। सर्च रिजल्ट में उन्हें जो नंबर दिखाई दिया, वह असल में साइबर ठगों द्वारा डाला गया फर्जी संपर्क था। अनजाने में उन्होंने उस नंबर पर क्लिक कर दिया, जिसके बाद ठगी की पूरी साजिश शुरू हो गई।

बताया जा रहा है कि कॉल के दौरान ठगों ने खुद को डॉक्टर या उनके स्टाफ के रूप में पेश किया और भरोसा जीतने के लिए बेहद सामान्य तरीके से बातचीत की। उन्होंने पीड़ित से कहा कि डॉक्टर से अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए मात्र 10 रुपए का रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा। जैसे ही सुशील कुमार ने बताए गए लिंक पर क्लिक किया और भुगतान प्रक्रिया शुरू की, उनके मोबाइल फोन और बैंकिंग सिस्टम तक ठगों की पहुंच बन गई।

कुछ ही मिनटों में उनके तीनों बैंक खातों से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल लगभग डेढ़ लाख रुपए निकाल लिए गए। जब तक उन्हें इस धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। खासकर गूगल सर्च जैसे सामान्य और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके ठगी करना एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें और बिना पुष्टि के किसी को भी ऑनलाइन भुगतान न करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से बचने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या प्रमाणित स्रोतों से ही संपर्क जानकारी लेनी चाहिए। साथ ही, मोबाइल में किसी भी संदिग्ध ऐप या लिंक को अनुमति देने से पहले सतर्क रहना बेहद जरूरी है। फिलहाल, इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर और जागरूकता दोनों बढ़े हैं, जबकि पुलिस ठगों तक जल्द पहुंचने का दावा कर रही है।