काठमांडू. नेपाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां गृह मंत्री सूडान गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा देकर नैतिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया है. नेपाल में हाल के दिनों में बढ़ते राजनीतिक विवादों और पारदर्शिता को लेकर उठते सवालों के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है.
सूडान गुरुंग ने अपने फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने ऊपर लगे वित्तीय मामलों से जुड़े आरोपों और सार्वजनिक चिंताओं को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है और इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया.
नैतिकता कुर्सी से बड़ी है
गुरुंग ने अपने बयान में कहा कि उनके लिए कोई भी पद नैतिकता से बड़ा नहीं है. उन्होंने जेन-जी पीढ़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही की मांग कर रही है जो लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके इस्तीफे का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है. पद पर बने रहने से किसी भी प्रकार के हितों के टकराव की संभावना हो सकती थी जिसे उन्होंने टालना उचित समझा.
जनता और मीडिया से अपील
पूर्व गृह मंत्री ने नागरिकों, मीडिया और खासकर युवाओं से अपील की कि वे ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलें. उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में कुछ मीडिया से जुड़े लोगों के आर्थिक हितों से जुड़ी जानकारी भी सामने आ सकती है. इससे पहले, 9 अप्रैल को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने श्रम मंत्री दीपक कुमार साह को अनुशासनहीनता के आरोप में पद से हटा दिया था. उन पर अपनी पत्नी को सरकारी पद पर बनाए रखने के लिए पद के दुरुपयोग का आरोप लगा था.
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