नई दिल्ली.भारतीय यात्रियों के लिए एक बेहद सुखद और यात्रा को सुगम बनाने वाली खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से सूचित किया है कि अब भारतीय नागरिकों को फ्रांस से होकर हवाई यात्रा करने के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा (ATV) की आवश्यकता नहीं होगी। यह नया नियम 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है। इस बदलाव के बाद, जो भारतीय यात्री फ्रांस के मुख्य भू-भाग से होकर किसी अन्य देश की ओर उड़ान भरेंगे, उन्हें अब ट्रांजिट वीजा की जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह निर्णय भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों का एक सीधा परिणाम है, जिसे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की हालिया भारत यात्रा के दौरान 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के रूप में और अधिक मजबूती प्रदान की गई थी।
इस कदम की पृष्ठभूमि की बात करें तो फरवरी 2026 में अपनी भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि भारत और फ्रांस के बीच लोगों की आवाजाही को और अधिक आसान बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसी वादे को पूरा करते हुए, फ्रांस के विदेशी क्षेत्र में विदेशियों के प्रवेश से जुड़े नियमों में संशोधन करने वाला एक डिक्री प्रस्ताव अपनाया गया था। इसे 9 अप्रैल 2026 को फ्रांस के आधिकारिक राजपत्र (Journal Officiel) में प्रकाशित किया गया, जिसके अगले ही दिन से इसे लागू कर दिया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में एक साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान इस फैसले को दोनों देशों के बीच कायम 'स्थायी साझेदारी' का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है, बल्कि यह सामान्य नागरिकों के लिए यात्रा के अनुभव को तनावमुक्त और निर्बाध बनाने की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास है।
अक्सर भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए फ्रांस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर ले-ओवर (layover) के दौरान ट्रांजिट वीजा की उलझन एक बड़ी बाधा बनी रहती थी। अब तक के नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री शेंगेन क्षेत्र से बाहर के किसी देश से उड़ान भरकर फ्रांस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में रुकता था और उसका अंतिम गंतव्य भी शेंगेन क्षेत्र से बाहर होता था, तो उसे एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा लेना अनिवार्य था। यह प्रक्रिया अक्सर भ्रमित करने वाली और समय लेने वाली होती थी। नए नियमों के आने के बाद, भारतीय यात्री अब इन झंझटों से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि यह छूट केवल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन तक ही सीमित है। यदि किसी यात्री को अपना एयरपोर्ट बदलने के लिए इमिग्रेशन से गुजरना पड़ता है या उसे ले-ओवर के दौरान हवाई अड्डे से बाहर निकलकर रात बितानी होती है, तो उस स्थिति में अभी भी शॉर्ट-स्टे वीजा की आवश्यकता होगी। कुल मिलाकर, यह फैसला उन लाखों भारतीय पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों के लिए एक बड़ा तोहफा है जो फ्रांस के माध्यम से अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्राएं पूरी करते हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और व्यक्तिगत संबंधों को और अधिक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

