बिजली सुधारते समय पोल से गिरकर आउटसोर्स कर्मचारी की मौत, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

बिजली सुधारते समय पोल से गिरकर आउटसोर्स कर्मचारी की मौत, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

प्रेषित समय :20:48:22 PM / Fri, Apr 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. अधारताल थाना क्षेत्र अंतर्गत अमखेरा स्थित इको सिटी में शुक्रवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है जिसमें बिजली लाइन सुधारते समय एक आउटसोर्स कर्मचारी की ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार अधारताल शिकायत केंद्र में कार्यरत रंजीत कोरी को जूनियर इंजीनियर पुष्पजीत सिंह धुर्वे द्वारा अमखेरा इको सिटी में एक ट्रांसफार्मर की एलटी केबल जलने की शिकायत दूर करने के लिए भेजा गया था. दोपहर करीब 1:30 बजे जब रंजीत पोल पर चढ़कर बिजली सुधार का कार्य कर रहा था तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह लगभग 10 फीट की ऊंचाई से सीधे कंक्रीट की जमीन पर आ गिरा.

 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रंजीत के सिर और हाथ में बेहद गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही काफी मात्रा में खून बह गया. वहां मौजूद उसके साथियों ने बिना देर किए उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक जांच के बाद ही मृत घोषित कर दिया. इस घटना ने एक बार फिर विद्युत विभाग में मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और जोखिम को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे चौंकाने वाली विडंबना यह रही कि जिस दिन यह हादसा हुआ उसी शाम 4 बजे उत्तर संभाग के कार्यपालन अभियंता विकास सिंह द्वारा लाइन स्टाफ की एक विशेष बैठक बुलाई गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य ही सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग पर चर्चा करना था.

 विडंबना यह रही कि सुरक्षा की बारीकियां समझाने वाली इस बैठक के शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही विभाग ने अपने एक कर्मठ साथी को खो दिया जिसके बाद शोक के चलते बैठक को तुरंत स्थगित करना पड़ा. इस दुखद मृत्यु पर मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ में भारी आक्रोश और शोक व्याप्त है. संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस घटना पर दुख जताते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. कर्मचारी नेताओं ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्रबंधन से पुरजोर मांग की है कि मृतक रंजीत कोरी के परिजनों को अविलंब उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए. साथ ही संघ ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं.

फिलहाल इस हादसे के बाद से विद्युत मंडल के कर्मचारियों में असुरक्षा का भाव देखा जा रहा है और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है. विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी लेकिन एक गरीब आउटसोर्स कर्मचारी की इस तरह अचानक हुई मौत ने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया है. अब देखना यह होगा कि विभाग केवल बैठकों तक सीमित रहता है या वास्तव में मैदानी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-