जबलपुर. रेलवे कर्मचारियों को मंत्रालय ने तगड़ा झटका दे दिया है. रेल मंत्रालय ने 29608 पदों को सरेंडर करने का फरमान जारी कर दिया है. जिसमें पश्चिम मध्य रेलवे के 1311 पद शामिल हैं. रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मैन पावर रेशनलाइजेशन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी जोनों के महाप्रबंधकों को पत्र जारी करते हुए इसके अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया है.
इस मामले में सभी जोन को पदों की लिस्ट तैयार करके पत्र भी जारी कर दिया है. बोर्ड के इस फैसले का असर पूर्व मध्य रेल पर भी पड़ेगा. जोन में 400 से अधिक पदों को सरेंडर किया जा सकता है. रेल मंत्रालय के इस फैसले से कर्मचारियों में काफी उबाल है. ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन ने इसका विरोध शुरू कर दिया है.
रेलवे बोर्ड ने 24 अप्रैल 2026 को सभी जोनों को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि मैनपावर रेशनलाइज़ेशन (पुनर्वितरण+पद-वापसी) के ज़ोन-वार वार्षिक लक्ष्यों को ईएंडआर निदेशालय को भेज दिया गया है. इन्हें वार्षिक प्रदर्शन समझौतों में शामिल किया जाएगा, जिन पर ज़ोनल रेलवे के महाप्रबंधकों और रेलवे बोर्ड को कार्य करना है.
स्वीकृत पदों का 2 प्रतिशत टारगेट
2026-27 के लिए मैनपावर रेशनलाइज़ेशन का लक्ष्य (पुनर्वितरण + पद-वापसी) 01.04.2026 तक स्वीकृत पदों की कुल संख्या का 2 प्रतिशत निर्धारित किया गया है. सभी रेलवे/उत्पादन इकाइयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पदों का पुनर्वितरण/पद-वापसी केवल एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से ही किया जाए.
इसके अतिरिक्त, रेलवे/उत्पादन इकाइयों/अन्य इकाइयों को बोर्ड ने यह सलाह दी है कि वे इन लक्ष्यों को तिमाही आधार पर आनुपातिक रूप से प्राप्त करें, और वित्तीय वर्ष के अंत में इन लक्ष्यों के संचय (एक साथ जमा होने) से बचें.
इनका कहना है
- रेलवे बोर्ड का जो आर्डर है, उसमें पदों के सरेंडर की बजाय पुनर्वितरण करना है. यानी जिस विभाग में किसी पद की जरूरत नहीं है तो उसे वहां से समाप्त कर सेफ्टी की पोस्ट में समायोजित किया जा सकता है.
- हर्षित श्रीवास्तव, चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफीसर, वेस्ट-सेेंट्रल रेलवे, जबलपुर.


