छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में बहुचर्चित चिटफंड ठगी मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) के दो डायरेक्टरों को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है. यह कार्रवाई थाना पलारी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से प्रोडक्शन वारंट के जरिए की.
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कंपनी के माध्यम से लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर निवेश कराया था. निवेश की अवधि पूरी होने के बावजूद रकम वापस नहीं की गई, जिससे 128 निवेशकों को ठगी का शिकार होना पड़ा. इस मामले में कुल 38 लाख 18 हजार 310 रुपये की धोखाधड़ी सामने आई थी.
इस घोटाले की शिकायत 7 नवंबर 2016 को पंचराम साहू द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद थाना पलारी में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 34 के साथ छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम और प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था.
जांच के दौरान पुलिस पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि अन्य की तलाश जारी थी. हाल ही में सूचना मिली कि दो मुख्य आरोपी—गुरनाम सिंह (59) और गुरुजंत सिंह (80)—उत्तर प्रदेश के उरई जेल में एक अन्य मामले में बंद हैं. इसके बाद पुलिस ने न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कर दोनों को हिरासत में लिया.
पूछताछ में आरोपियों ने निवेशकों को मुनाफे का झांसा देकर रकम हड़पने की बात स्वीकार कर ली है. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अब तक इस मामले में कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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