2 मई से शुरू हो रहा ज्येष्ठ माह, 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग हनुमान भक्तों के लिए विशेष अवसर

2 मई से शुरू हो रहा ज्येष्ठ माह, 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग हनुमान भक्तों के लिए विशेष अवसर

प्रेषित समय :23:52:46 PM / Mon, Apr 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

हिंदू पंचांग के अनुसार 2 मई 2026 से ज्येष्ठ माह का शुभारंभ होने जा रहा है, जो 29 जून तक चलेगा। यह महीना भगवान हनुमान के भक्तों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस पूरे माह में पड़ने वाले मंगलवार को “बड़ा मंगल” या “बुढ़वा मंगल” के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इसमें अधिक मास (मलमास) का संयोग बन रहा है, जिसके चलते 19 साल बाद एक दुर्लभ स्थिति उत्पन्न हुई है और पूरे 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं।

ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले बड़े मंगल को लेकर धार्मिक मान्यताएं बेहद गहरी हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, त्रेता युग में इसी माह के एक मंगलवार को भगवान राम और हनुमान जी का प्रथम मिलन हुआ था। इस दिव्य संयोग के कारण इस माह के हर मंगलवार का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। एक अन्य कथा के अनुसार, महाभारत काल में हनुमान जी ने इसी समय भीम का अहंकार तोड़ने के लिए वृद्ध वानर का रूप धारण किया था, जिससे “बुढ़वा मंगल” नाम की भी परंपरा प्रचलित हुई। “बड़ा” शब्द हनुमान जी के विराट और शक्तिशाली स्वरूप का प्रतीक माना जाता है।

साल 2026 में बड़े मंगल की शुरुआत 5 मई से होगी और यह क्रम 23 जून तक चलेगा। इस दौरान 5 मई, 12 मई, 19 मई, 26 मई, 2 जून, 9 जून, 16 जून और 23 जून को बड़े मंगल मनाए जाएंगे। सामान्यतः 4 या 5 बड़े मंगल ही होते हैं, लेकिन इस बार अधिक मास के कारण इनकी संख्या बढ़कर 8 हो गई है, जिसे अत्यंत शुभ और दुर्लभ योग माना जा रहा है।

बड़ा मंगल के दिन देशभर के हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। भक्त इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करते हैं। साथ ही हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और चोला अर्पित किया जाता है। यह भी मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा कई गुना अधिक फल देती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी के बीच बड़ा मंगल सेवा और दान का भी विशेष पर्व बन जाता है। इस दिन जगह-जगह पियाऊ लगाए जाते हैं, जहां राहगीरों को ठंडा पानी और शरबत पिलाया जाता है। कई स्थानों पर भंडारे आयोजित किए जाते हैं, जिसमें भोजन, फल और प्रसाद वितरित किया जाता है। इसे सेवा भाव और मानवता का प्रतीक माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बड़ा मंगल के दिन पूजा और दान करने से कुंडली के मंगल दोष और शनि से जुड़ी पीड़ाएं भी कम होती हैं। इस दिन विशेष रूप से लाल वस्त्र, गुड़, चना और फल का दान करना शुभ माना जाता है। भक्त हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास भी रखते हैं और दिनभर भक्ति में लीन रहते हैं।

 वर्ष 2026 का ज्येष्ठ माह आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत खास माना जा रहा है। अधिक मास के कारण बने 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग भक्तों को भक्ति, सेवा और आत्मिक शांति का विशेष अवसर प्रदान करेगा। यह समय न केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में सेवा, दान और सद्भावना को बढ़ावा देने का भी संदेश देता है।

*पंडित चंद्रशेखर नेमा हिमांशु 

मां कामख्या  साधक जन्म कुंडली विशेषज्ञ वास्तु शास्त्री 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-