निवाड़ी. एमपी के निवाड़ी में सड़क किनारे खड़े ट्रॉले में पीछे से तेज रफ्तार डंपर घुस गया. टक्कर के बाद डंपर में आग लग गई. हादसे में डंपर चालक और क्लीनर जिंदा जल गए. दोनों पड़ोसी थे. हादसा बड़े तालाब के पास सोमवार रात करीब 12:30 बजे हुआ. मृतकों की पहचान राजा अहिरवार (32) और गोपाल अहिरवार के रूप में हुई है. दोनों चैनपुरा नरसिंहगढ़ जिला दमोह के रहने वाले थे.
राजा अहिरवार के तीन बेटियां और एक बेटा है. वहीं, गोपाल के दो बेटियां हैं. डंपर दमोह जिले के नरसिंहगढ़ से झांसी के पारीक्षा जा रहा था. इसी दौरान हादसा हो गया. परिजन के आने के बाद निवाड़ी जिला अस्पताल में शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा.
चार दमकल की मदद से पाया आग पर काबू
निवाड़ी कोतवाली टीआई बलजीत सिंह ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन में आग लग गई. डंपर के केबिन में आग लगी थी. सूचना पर फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई. चार दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया. क्रेन की मदद से डंपर के केबिन को हटाकर देखा तो दो शव अंदर जले मिले. दोनों मृतक डंपर से दमोह नरसिंहगढ़ से पारीक्षा झांसी की तरफ जा रहे थे. प्रथम दृष्टया ट्रॉला चालक की लापरवाही सामने आई है. उसने लाइट चालू नहीं कर रखी थी, इस वजह से पता नहीं चल पाया कि ट्रॉला सड़क किनारे खड़ा है. दो दमकल कोतवाली से और तरीचर कलां से पहुंची.
राख के कारण आग तेजी से फैली
टीआई ने बताया कि शव डंपर के अंदर करीब एक घंटे तक फंसे रह गए थे, जिन्हें निकालने में मशक्कत करनी पड़ी. लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं. पीछे वाले ट्रक में सीमेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाली राख भरी थी, जो टक्कर के बाद सड़क पर फैल गई. इस कारण आग तेजी से फैली. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित कर स्थिति को सामान्य किया.
मां के बाद अब पिता की भी मौत
गांव के ही वकील अहिरवार ने बताया कि गोपाल की एक बेटी की उम्र 12 तो दूसरी की उम्र 15 साल है. पांच साल पहले उसकी पत्नी का निधन हो गया था. ऐसे में बुजुर्ग दादा-दादी ही दोनों का सहारा हैं. वहीं, ड्राइवर राजा अहिरवार के चार बच्चों का पालन-पोषण दादी और मां के सहारे है.

