भारतीय क्रिकेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है जहां स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के वनडे करियर पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। आईपीएल 2026 में खराब फॉर्म और निरंतरता की कमी से जूझ रहे पंत को लेकर रिपोर्ट्स आ रही हैं कि आगामी वनडे सीरीज से उनकी छुट्टी की जा सकती है। भारतीय चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट अब 2027 के वनडे वर्ल्ड कप के विजन को ध्यान में रखते हुए टीम के पुनर्गठन पर विचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि टीम इंडिया अब दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में होने वाले अगले विश्व कप की तैयारी शुरू करने वाली है और इसके लिए युवा विकल्पों को आजमाने की रणनीति बनाई गई है। इस दौड़ में फिलहाल संजू सैमसन और युवा खिलाड़ी ध्रुव जुरेल, ऋषभ पंत से कहीं आगे नजर आ रहे हैं। चयनकर्ताओं के इस रुख ने साफ कर दिया है कि अब केवल बड़े नाम के आधार पर टीम में जगह सुरक्षित नहीं रहेगी, बल्कि मौजूदा प्रदर्शन ही चयन का मुख्य पैमाना होगा।
संजू सैमसन की बात करें तो उन्होंने अपनी जबरदस्त फॉर्म से चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया है। चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए सैमसन ने आईपीएल 2026 के आठ मैचों में दो शानदार शतकों के साथ 304 रन ठोक दिए हैं। उनकी यह फॉर्म टी20 विश्व कप के समय से ही जारी है जहां उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' भी चुना गया था। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार, टीम मैनेजमेंट के सूत्रों का कहना है कि सैमसन को केएल राहुल के बाद दूसरे विकेटकीपर के विकल्प के तौर पर गंभीरता से तैयार किया जा रहा है। आंकड़ों के लिहाज से भी सैमसन का पलड़ा भारी नजर आता है। संजू ने अब तक 16 वनडे मैचों में 56.66 की बेहतरीन औसत से 510 रन बनाए हैं, जबकि पंत का 27 पारियों में औसत महज 33.50 का रहा है। सैमसन ने अपने पिछले वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार शतक जड़कर टीम को जीत दिलाई थी, जो उनकी उपयोगिता को साबित करता है।
दूसरी ओर ऋषभ पंत के लिए आईपीएल 2026 का सीजन किसी बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है। लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी कर रहे पंत ने अब तक 8 पारियों में महज 189 रन बनाए हैं और वे केवल एक ही बार 50 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहे हैं। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ जनवरी में हुई घरेलू सीरीज के दौरान भी वह चोट के कारण बाहर हो गए थे और उनकी जगह ध्रुव जुरेल को मौका दिया गया था। जुरेल ने अपनी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी तकनीक से मैनेजमेंट को प्रभावित किया है, जिसके चलते वे अब टीम की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। चयनकर्ताओं के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जून में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम चुनना है। माना जा रहा है कि इस सीरीज में पंत को आराम देकर सैमसन और जुरेल को आजमाया जा सकता है ताकि वर्ल्ड कप 2027 के लिए एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार की जा सके।
ऋषभ पंत का वनडे रिकॉर्ड पिछले कुछ समय से उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। उन्होंने अपना आखिरी वनडे अगस्त 2024 में खेला था और तब से अब तक वे इस फॉर्मेट में अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वहीं संजू सैमसन की निरंतरता और ध्रुव जुरेल की उभरती हुई प्रतिभा ने टीम मैनेजमेंट को कड़ा फैसला लेने पर मजबूर कर दिया है। भारतीय क्रिकेट अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है जहां वरिष्ठ खिलाड़ियों को युवा जोश से कड़ी चुनौती मिल रही है। अगर पंत का बल्ला आईपीएल के शेष मैचों में नहीं गरजा, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी राह बेहद कठिन होने वाली है। फिलहाल सभी की निगाहें अफगानिस्तान सीरीज के लिए होने वाले टीम चयन पर टिकी हैं, जो टीम इंडिया के भविष्य की दिशा तय करेगा। संजू सैमसन के समर्थकों के लिए यह खबर किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है, क्योंकि लंबे समय तक नजरअंदाज किए जाने के बाद अब उन्हें वह सम्मान और मौका मिलता दिख रहा है जिसके वे हकदार रहे हैं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

