ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण एयर इंडिया रोजाना 100 उड़ानें घटाने की तैयारी, इन रूटों पर पड़ेगा ज्यादा असर

ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण एयर इंडिया रोजाना 100 उड़ानें घटाने की तैयारी, इन रूटों पर पड़ेगा ज्यादा असर

प्रेषित समय :18:45:13 PM / Fri, May 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने जून 2026 से अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर रोजाना लगभग 100 उड़ानों की कटौती करने की योजना बनाई है. विमानन ईंधन (एफटीए) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और परिचालन लागत में इजाफे के कारण एयरलाइन ने यह कदम उठाने का फैसला किया है. वर्तमान में एयर इंडिया प्रतिदिन लगभग 1,100 उड़ानों का संचालन करती है, जिसमें अब करीब 10 प्रतिशत की कमी आने की संभावना है.

इन रूटों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

एयरलाइन के सूत्रों के अनुसार, उड़ान कटौती का सबसे बड़ा असर लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय रूटों पर पड़ेगा. इनमें भारत से यूरोप, उत्तरी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जाने वाली उड़ानें शामिल हैं. दिल्ली और मुंबई से लंदन, पेरिस, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को और सिडनी जैसे प्रमुख शहरों के लिए उड़ानों की संख्या कम की जा सकती है. ईंधन की खपत अधिक होने के कारण इन रूटों पर परिचालन करना अब आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गया है.

एटीएफ की कीमतों में भारी उछाल

जेट ईंधन (एफटीए) की कीमतों में आई हालिया तेजी ने विमानन क्षेत्र की चिंताएं बढ़ा दी हैं. 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए एटीएफ की कीमतों में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जो लगातार दूसरी मासिक वृद्धि है. दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन की कीमत अब 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई है. हालांकि, घरेलू उड़ानों के लिए कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन अप्रैल में इनमें 25 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई थी.

परिचालन लागत और जियोपॉलिटिकल चुनौतियां

एयरलाइन के कुल खर्च का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा अकेले ईंधन पर खर्च होता है. इसके अलावा, पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र (्रद्बह्म्ह्यश्चड्डष्द्ग) के बंद होने और वैश्विक संघर्षों के कारण उड़ानों को लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं. लंबी दूरी की उड़ानों को अब वियना या स्टॉकहोम जैसे शहरों में तकनीकी ठहराव करना पड़ता है, जिससे ईंधन की खपत और चालक दल का खर्च दोनों बढ़ गए हैं.

यात्रियों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें

फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने करों में राहत नहीं दी, तो अन्य एयरलाइंस भी उड़ानों में कटौती कर सकती हैं. यात्रियों के लिए इसका सीधा मतलब है—कम विकल्प और टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी. उड़ानों की संख्या घटने से मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे आगामी पीक ट्रैवल सीजन में हवाई सफर और महंगा हो सकता है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-