फिल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक Academy Awards को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है, जहां आयोजक संस्था Academy of Motion Picture Arts and Sciences ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर स्पष्ट सीमा तय कर दी है। नए नियमों के तहत अब एआई द्वारा पूरी तरह से तैयार किए गए कलाकारों और स्क्रिप्ट को प्रमुख श्रेणियों में ऑस्कर के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। यह नियम 2027 से लागू होंगे, जिससे फिल्म उद्योग में एआई के बढ़ते प्रभाव पर एक मजबूत संदेश गया है।
अकादमी ने साफ किया है कि अभिनय से जुड़े पुरस्कार केवल उन्हीं कलाकारों को दिए जाएंगे जिनका प्रदर्शन वास्तविक रूप से इंसानों द्वारा किया गया हो और जिनकी सहमति भी इसमें शामिल हो। इसी तरह लेखन श्रेणी में वही स्क्रिप्ट पात्र मानी जाएगी जो पूरी तरह से किसी व्यक्ति द्वारा लिखी गई हो। इसका मतलब यह है कि यदि किसी फिल्म में पूरी तरह से एआई जनरेटेड अभिनेता या स्क्रिप्ट का उपयोग किया गया है, तो वह फिल्म इन प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होगी।
हालांकि, अकादमी ने एआई तकनीक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है। फिल्म निर्माता अभी भी एआई को एक सहायक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे विजुअल इफेक्ट्स, एडिटिंग या प्रोडक्शन के अन्य तकनीकी हिस्सों में। लेकिन यह जरूरी होगा कि फिल्म का मुख्य रचनात्मक योगदान इंसानों का ही हो। इस फैसले को तकनीकी प्रगति और मानवीय रचनात्मकता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
फिल्म उद्योग में एआई को लेकर बहस उस समय और तेज हो गई थी जब वर्चुअल कलाकारों का चलन बढ़ने लगा, जिनमें Tilly Norwood जैसी डिजिटल शख्सियतों ने खासा ध्यान खींचा। इन एआई जनरेटेड चेहरों को लेकर कलाकार संगठनों और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स ने चिंता जताई थी कि इससे रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं और असली कलाकारों की भूमिका कम हो सकती है। इसी पृष्ठभूमि में अकादमी का यह फैसला सामने आया है।
अकादमी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन फिल्मों में एआई का उपयोग किया जाएगा, उनमें मानव योगदान की सीमा को परखने के लिए अतिरिक्त जानकारी मांगी जा सकती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है और कोई भी फिल्म केवल तकनीक के सहारे पुरस्कार के लिए पात्र न बन जाए।
इस फैसले को फिल्म उद्योग में बढ़ती तकनीकी चुनौतियों के बीच एक अहम कदम माना जा रहा है, जहां एक ओर एआई नई संभावनाएं खोल रहा है, वहीं दूसरी ओर रचनात्मकता, लेखन और अभिनय जैसे क्षेत्रों में मानवीय भूमिका को बनाए रखना भी जरूरी माना जा रहा है। कुल मिलाकर, अकादमी का यह निर्णय साफ संकेत देता है कि भविष्य में तकनीक चाहे जितनी भी उन्नत हो जाए, ऑस्कर जैसे मंच पर असली पहचान और सम्मान इंसानी प्रतिभा को ही मिलेगा।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

