जबलपुर. देशव्यापी इमरजेंसी अलर्ट टेस्ट के दौरान एक अलग ही स्थिति देखने को मिली जब शहर के कई इलाकों में नागरिकों के मोबाइल फोन पर सरकार द्वारा भेजा गया परीक्षण संदेश प्राप्त नहीं हुआ। इस कारण पूरे दिन शहर में लोगों के बीच उत्सुकता और चर्चा का माहौल बना रहा। लोग एक-दूसरे को फोन कर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए यह जानने की कोशिश करते रहे कि क्या उनके परिचितों को यह अलर्ट मिला या नहीं। जिन लोगों के फोन पर यह संदेश नहीं आया, वे इसे लेकर हैरान और थोड़े चिंतित भी नजर आए।
दरअसल भारत सरकार के दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा इस दिन एक विशेष परीक्षण अभियान चलाया गया था, जिसके तहत देशभर में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को एक इमरजेंसी अलर्ट संदेश भेजा गया। इस संदेश के साथ एक तेज बीप की आवाज भी सुनाई दी, जिससे कई लोग शुरुआत में घबरा गए। हालांकि संदेश में साफ तौर पर यह उल्लेख किया गया था कि यह केवल एक परीक्षण है और किसी प्रकार की कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। संदेश हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भेजा गया था और इसके अंत में भारत सरकार का उल्लेख भी किया गया था, जिससे लोगों को राहत मिली।
दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह एक उन्नत जन चेतावनी प्रणाली का हिस्सा है जिसे गृह मंत्रालय और एनडीएमए के सहयोग से विकसित किया गया है। शनिवार दोपहर के समय जब देश के कई हिस्सों में अचानक मोबाइल फोन बजने लगे और स्क्रीन पर हिंदी व अंग्रेजी में "इमरजेंसी अलर्ट: परीक्षण संदेश" का नोटिफिकेशन चमका, तो लोग शुरुआत में घबरा गए, लेकिन संदेश के अंत में लिखे "भारत सरकार" और "कोई कार्रवाई आवश्यक नहीं" के निर्देश ने उन्हें राहत दी। जबलपुर में कई तकनीकी कारणों या मोबाइल सेटिंग में 'टेस्ट चैनल' के सक्रिय न होने की वजह से कई उपभोक्ताओं तक यह मैसेज नहीं पहुंच सका, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों में काफी उत्सुकता देखी गई कि आखिर सरकार की इस नई तकनीक का असली मकसद क्या है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी मजबूत संचार प्रणाली तैयार करना है जो इंटरनेट बंद होने या नेटवर्क जाम होने की स्थिति में भी सीधे टॉवर के माध्यम से भौगोलिक रूप से लक्षित क्षेत्रों में चेतावनी भेज सके। नोटिफिकेशन में साफ लिखा था कि "भारत ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके सेल ब्रॉडकास्ट लॉन्च किया है, जिससे नागरिकों को आपदा की तुरंत सूचना मिल सकेगी। सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र।" विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अभ्यास था और जिन लोगों को यह संदेश प्राप्त हुआ है, उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
जबलपुर के नागरिकों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि क्या उनके फोन की सेटिंग्स में कोई कमी है या उनके ऑपरेटर ने इसे अभी तक अपडेट नहीं किया है। दूरसंचार विभाग के अनुसार, यह परीक्षण चरणबद्ध तरीके से विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में किया जा रहा है और आने वाले दिनों में यह मैसेज दोबारा भी प्राप्त हो सकता है। अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने फोन की 'वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट' सेटिंग्स की जांच करें ताकि भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में वे सरकार द्वारा भेजी गई आधिकारिक और जीवन रक्षक जानकारी प्राप्त कर सकें। यह स्वदेशी सिस्टम भारत को आपदा प्रबंधन के मामले में वैश्विक स्तर पर और अधिक सक्षम बनाएगा।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

